Tag: सहासी नारी

अहल्याबाई की जीवनी – अहल्याबाई होल्कर का जीवन परिचय व कहानी इन हिन्दी

होल्कर साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की कुशल महिला शासकों में से एक रही हैं। अपने इस लेख में हम राजमाता अहल्याबाई होल्कर की जीवनी, अहल्याबाई का इतिहास, अहल्याबाई का जीवन परिचय, अहल्याबाई होल्कर हिस्ट्री इन हिन्दी में विस्तारपूर्वक...

नूरजहाँ हिस्ट्री इन हिन्दी – नूरजहाँ का जीवन परिचय व इतिहास की जानकारी

नूरजहाँ भारतीय इतिहास और मुगल सम्राज्य की सबसे ताकतवर महिला थी। यह मुगल सम्राट जहांगीर की पत्नी थी। अपने इस लेख में हम नूरजहाँ हिस्ट्री इन हिन्दी, नूरजहाँ की जीवनी, नूरजहाँ कौन थी, नूरजहाँ किसकी पत्नी थी, नूरजहाँ का इतिहास, जन्म,...

चाँद बीबी हिस्ट्री इन हिन्दी – चांद बीबी का जीवन परिचय व उसकी हत्या किसने की

सुल्ताना चाँद बीबी कौन थी? उसका नाम था चाँद था। वह हरम का चाँद थी। दक्षिण भारत का चाँद थी। वह सचमुच चाँद-सी सुन्दर थी। वह जन्मी थी उस समय जब सारा दक्षिण भारत स्वतंत्रता के वायुमंडल में साँस ले रहा...

रजिया सुल्तान किसकी पुत्री थी – रजिया सुल्तान का इतिहास – रजिया सुल्तान की प्रेम कहानी

रजिया सुल्तान भारतीय इतिहास की वह वीरांगना है, जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी भाग में दिल्ली सल्तनत पर शासन किया था। वह उपमहाद्वीप की पहली महिला मुस्लिम शासक और दिल्ली की एकमात्र महिला मुस्लिम शासक थीं। रजिया सुल्तान का जन्म 1205 ई०...

राजकुमारी अमृत कौर का जीवन परिचय – राजकुमारी अमृत कौर बायोग्राफी

श्री राजकुमारी अमृत कौर वर्तमान युग की उन श्रेष्ठ नारी विभूतियों में से एक है। जिन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में भाग लेकर अपने देश को गौरव और सम्मान प्रदान किया है। अगस्त सन् 1947 को जब भारत स्वतंत्र राष्ट्र घोषित हुआ तो...

अमृता शेरगिल का जीवन परिचय – अमृता शेरगिल बायोग्राफी, चित्र, पेंटिंग इन हिन्दी

चित्रकला चित्रकार के गूढ़ भावों की अभिव्यंजना है। अंतर्जगत की सजीव झांकी है। वह असत्य वस्तु नहीं कल्पना की वायु से पोषित नहीं, ठोस और ध्रुव सत्य है। उसमें जीवन का वैभव और सत्य सौंदर्य निहित है। कला में कलाकार का...

विजयलक्ष्मी पंडित निबंध – स्वतंत्रता सेनानी श्रीमती विजयलक्ष्मी पंडित की जीवनी

“आज तक हमारा काम परदेशी नीवं के भवन को गिराना रहा है, परंतु अब हमें अपना भवन बनाना है, जिसकी ईटें हम और आप है। हम जितने सशक्त होगें उतना ही दृढ़ यह हमारा भवन होगा, पर यदि हम दुर्बल रहे...

सती उर्मिला राजा धर्मगजदेव की पत्नी की सतीत्व की कहानी

सती उर्मिला अजमेर के राजा धर्मगज देव की धर्मपत्नी थी। वह बड़ी चतुर और सुशील स्त्री थी। वह राज्य कार्य को भली प्रकार समझती थी। यद्यपि धर्मगज देव की और बहुत सी रानियां थी, परंतु राजा सबसे ज्यादा इन्हीं को चाहते...

रानी प्रभावती एक सती स्त्री की वीरता, सूझबूझ की अनोखी कहानी

रानी प्रभावती वीर सती स्त्री गन्नौर के राजा की रानी थी, और अपने रूप, लावण्य व गुणों के कारण अत्यंत प्रसिद्ध थीं। इनकी सुंदरता पर मुग्ध होकर एक यवन बादशाह ने गन्नौर पर चढाई कर दी। यह समाचार पाकर रानी प्रभावती...

रानी जवाहर बाई की बहादुरी जिसने बहादुरशाह की सेना से लोहा लिया

सन् 1533 की बात है। गुजरात के बादशाह बहादुरशाह जफर ने एक बहुत बड़ी सेना के साथ चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया। उस समय कायर और विलासप्रिय राणा विक्रमादित्य चित्तौड़ की गददी पर था। रानी जवाहर बाई इसी कायर की राजरानी...

कर्पूरी देवी कौन थी, क्या आप राजमाता कर्पूरी के बारे मे जानते है

राजस्थान में एक शहर अजमेर है। अजमेर के इतिहास को देखा जाएं तो, अजमेर शुरू से ही पारिवारिक रंजिशों का तथा अनेक प्रकार के षड्यंत्रो का केंद्र रहा है। अजमेर में पृथ्वीराज द्वितीय राज्य करते थे। उनके कोई संतान न थी।...

राजबाला की वीरता, साहस, और प्रेम की अदभुत कहानी

राजबाला वैशालपुर के ठाकुर प्रतापसिंह की पुत्री थी, वह केवल सुंदरता ही में अद्वितीय न थी, बल्कि धैर्य और चातुर्यादि गुणो में भी कोई उनके समान न था। अपने पति को वह प्राणों से अधिक प्यार करतीं थी, और जीवन भर...

हाड़ी रानी का जीवन परिचय – हाड़ी रानी हिस्ट्री इन हिन्दी

सलुम्बर उदयपुर की राज्य की एक छोटी सी रियासत थी। जिसके राजा राव रतन सिंह चूड़ावत थे। हाड़ी रानी सलुम्बर के सरदार राव रतन सिंह चूङावत की पत्नी थी। हाड़ी रानी भारत के इतिहास की वह वीर क्षत्राणी है। जिन्होंने अपने पति...

रानी कर्णावती की जीवनी – रानी कर्मवती की कहानी

रानी कर्णावती कौन थी? अक्सर यह प्रश्न रानी कर्णावती की जीवनी, और रानी कर्णावती का इतिहास के बारे मे रूची रखने वालो के मस्तिष्क मे जरूर आता है। रानी कर्णावती जिन्हें एक और नाम रानी कर्मवती के नाम से भी जाना...

जीजाबाई की जीवनी – जीजाबाई बायोग्राफी इन हिन्दी

अंग्रेजों के अत्याचार से सारा देश आक्रांत था । अन्याय और अधर्म की काली छाया समाज की पवित्रता को ढक चुकी थी। यह देखकर जीजाबाई का हृदय रो उठता था । उन्होंने अनुभव किया कि जब तक स्वराज्य स्थापित नहीं होगा...