Tag: भारत के प्रमुख मंदिर

वृन्दावन धाम – वृन्दावन के दर्शनीय स्थल, मंदिर व रहस्य

दिल्ली से दक्षिण की ओर मथुरा रोड पर 134 किमी पर छटीकरा नाम का गांव है। छटीकरा मोड़ से बाई तरफ पूरब की दिशा में वृन्दावन रोड़ है। इस रोड़ पर 6 किमी के फासले पर राधाकृष्ण के प्रेम रस में...

तारापीठ मंदिर का इतिहास – तारापीठ का श्मशान – वामाखेपा की पूरी कहानी

तारापीठ पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले में स्थित है। यह जिला धार्मिक महत्व से बहुत प्रसिद्ध जिला है, क्योंकि हिन्दुओं के 51 शक्तिपीठों में से पांच शक्तिपीठ वीरभूमि जिले में ही है। बकुरेश्वर, नालहाटी, बन्दीकेश्वरी, फुलोरा देवी और तारापीठ। तारापीठ यहां...

तारकेश्वर मंदिर – तारकेश्वर महादेव कोलकाता, बाबा तारकनाथ मंदिर

भारत के बंगाल राज्य की राजधानी कोलकाता से 85 किलोमीटर की दूरी पर हुुगली जिले में तारकेश्वर नामक एक प्रमुख शहर है। यह शहर यहां स्थित तारकेश्वर मंदिर के रूप में काफी प्रसिद्ध है। इस शहर का नाम भी इस मंदिर...

गुरूवायूर मंदिर केरल का इतिहास – गरूवायूर टेम्पल दर्शन व हिस्ट्री

गुरूवायूर मंदिर केरल के गुरुवायूर में स्थित प्रसिद्ध मन्दिर है।यह कई शताब्दी पुराना है और केरल में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मन्दिर है। मंदिर के देवता भगवान गुरुवायुरप्पन हैं जो बालगोपालन के रूप में हैं। यह दक्षिण भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल...

कालहस्ती मंदिर का इतिहास, कालहस्ती मंदिर तिरूपति की कथा

श्री कालाहस्ती मंदिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में तिरूपति शहर के पास स्थित कालहस्ती नामक कस्बे में एक शिव मंदिर है। ये मंदिर पेन्नार नदी की शाखा स्वर्णामुखी नदी के तट पर बसा है और कालहस्ती के नाम से भी जाना...

कुंभकोणम मंदिर – कुंभकोणम तमिलनाडु का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल

कुंभकोणम दक्षिण भारत का प्रसिद्ध तीर्थ है। यह तमिलनाडु राज्य में चिदंबरम से 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रति बारहवें वर्ष यहां कुंभ का मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में यात्री एकत्र होते है। तथा कावेरी नदी...

तिरूपति बालाजी दर्शन – तिरुपति बालाजी यात्रा

तिरूपति बालाजी भारत वर्ष के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों मे से एक है। यह आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले मे स्थित है। तिरूपति तमिल भाषा का शब्द है। तिरू का अर्थ है श्री तथा पति का अर्थ है प्रभु। इस प्रकार तिरूपति का सम्मिलित अर्थ है...

चित्रकूट धाम की महिमा मंदिर दर्शन और चित्रकूट दर्शनीय स्थल

चित्रकूट धाम वह स्थान है। जहां वनवास के समय श्रीराजी ने निवास किया था। इसलिए चित्रकूट महिमा अपरंपार है। यह सदा से ही तपो भूमि रही है। महर्षि अत्रि का आश्रम यही था। आस पास बहुत से ऋषि- मुनि रहते थे।वहां...

मथुरा दर्शनीय स्थल – मथुरा दर्शन की रोचक जानकारी

मथुरा को मंदिरो की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। मथुरा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक धार्मिक और पर्यटन महत्व वाला शहर है। मथुरा दर्शनीय स्थल व मंदिर यहा की विरासत है। यह शहर भगवान श्रीकृष्ण की...

अयोध्या का इतिहास – अयोध्या के दर्शनीय स्थल और महत्व

अयोध्या भारत के राज्य उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख शहर है। कुछ सालो से यह शहर भारत के सबसे चर्चित शहरो में से भी एक रहा है। जिसका कारण यहा राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद है। और यह विवाद अयोध्या का...

कोणार्क सूर्य मंदिर का इतिहास – कोणार्क सूर्य मंदिर का रहस्य

कोणार्क’ दो शब्द ‘कोना’ और ‘अर्का’ का संयोजन है। ‘कोना’ का अर्थ है ‘कॉर्नर’ और ‘अर्का’ का मतलब ‘सूर्य’ है, इसलिए जब यह जोड़ता है तो यह ‘कोने का सूर्य’ बन जाता है। कोणार्क सूर्य मंदिर पुरी के उत्तर पूर्वी कोने...

ब्रह्म सरोवर कुरूक्षेत्र एशिया का सबसे बडा सरोवर

भारत के राज्य हरियाणा में स्थित कुरूक्षेत्र भारत के प्राचीनतम नगरो में से एक है। इसकी प्राचीनता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह स्थान भारत के इतिहास के सबसे भीषण युद्ध महाभारत गवाह रहा है। कौरवो और...

द्वारकाधीश मंदिर का इतिहास – द्वारका धाम – द्वारकापुरी

हिन्दू धर्म में चार दिशाओ के चारो धाम का बहुत बडा महत्व माना जाता है। और चारो दिशाओ के ये चारो धाम भारत में ही स्थित है। हिन्दू धर्म से जुडा हर व्यक्ति अपने जीवन में एक बार चारो दिशाओ के...

त्रयम्बकेश्वर महादेव – त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग – त्रियम्बकेश्वर टेम्पल नासिक

त्रयम्बकेश्वर महादेव मंदिर महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले में स्थित है। नासिक से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर त्रयम्बकेश्वर बस्ती है। इसी बस्ती में पहाड की तलहटी में गोदावरी नदी के तट पर त्रयम्बकेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। इस...

केदारनाथ धाम -केदारनाथ धाम का इतिहास रोचक जानकारी

प्रिय पाठको संसार में भगवान शिव  यूंं तो अनगिनत शिव लिंगो के रूप में धरती पर विराजमान है। लेकिन भंगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगो का महत्व अधिक माना जाता जिनके विषय में शिवपुराण में वर्णित है कि भूतभावन भगवान शंकर प्राणियो...