Tag: भारत के धार्मिक स्थल

स्वर्ण मंदिर हिस्ट्री इन हिंदी – श्री हरमंदिर साहिब का इतिहास

स्वर्ण मंदिर क्या है? :- स्वर्ण मंदिर सिक्ख धर्म के अनुयायियों का धार्मिक केन्द्र है। यह सिक्खों का प्रमुख गुरूद्वारा और मुख्य तीर्थ स्थान है। जिसे श्री हरमंदिर साहिब के नाम से जाना जाता है। हरमंदिर साहिब गुरूद्वारे को गोल्डन टेम्पल...

हजूर साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी – नांदेड़ साहिब का इतिहास

हजूर साहिब गुरूद्वारा महाराष्ट्र राज्य के नांदेड़ जिले में स्थापित हैं। यह स्थान गुरु गोविंद सिंह जी का कार्य स्थल रहा है। यह सिक्ख धर्म के पांच प्रमुख तख्त साहिब में से एक है। जिसे तख्त सचखंड साहिब, श्री हजूर साहिब...

शीशगंज साहिब का इतिहास – शीशगंज गुरूद्वारा हिस्ट्री इन हिन्दी

गुरुद्वारा शीशगंज साहिब एक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण गुरुद्वारा है जो सिक्खों के नौवें गुरु तेग बहादुर को समर्पित है। जिन्होंने ने पहले गुरु नानक जी की भावना को जारी रखा। यह वह स्थान जहाँ गुरु तेगबहादुर जी को मुगल बादशाह...

नानकमत्ता साहिब का इतिहास – नानकमत्ता गुरूद्वारा हिस्ट्री इन हिन्दी

नानकमत्ता साहिब सिक्खों का पवित्र तीर्थ स्थान है। यह स्थान उतराखंड राज्य के उधमसिंहनगर जिले (रूद्रपुर) नानकमत्ता नामक नगर में स्थित है। यह पवित्र स्थान सितारगंज — खटीमा मार्ग पर सितारगंज से 13 किमी और खटीमा से 15 किमी की दूरी...

हेमकुंड साहिब गुरूद्वारा – Hemkund Sahib Gurudwara history in hindi

समुद्र तल से लगभग 4329 मीटर की हाईट पर स्थित गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) उतराखंड राज्य (Utrakhand state) के सीमांत district Chamoli में स्थित है। गोविंदघाट (Govindghat) से लगभग 12 किमी की पैदल यात्रा के बाद घोघरीया (Ghoghriya) नामक...

नंदगाँव मथुरा – नंदगांव की लट्ठमार होली व दर्शनीय स्थल

नंदगाँव बरसाना के उत्तर में लगभग 8.5 किमी पर स्थित है। नंदगाँव मथुरा के उत्तर पश्चिम में लगभग 50 किलोमीटर पर स्थित है। इस जगह का नाम कृष्णा के पालक पिता नंद जी और माता यशोदा के नाम पर रखा गया...

वृन्दावन धाम – वृन्दावन के दर्शनीय स्थल, मंदिर व रहस्य

दिल्ली से दक्षिण की ओर मथुरा रोड पर 134 किमी पर छटीकरा नाम का गांव है। छटीकरा मोड़ से बाई तरफ पूरब की दिशा में वृन्दावन रोड़ है। इस रोड़ पर 6 किमी के फासले पर राधाकृष्ण के प्रेम रस में...

तारापीठ मंदिर का इतिहास – तारापीठ का श्मशान – वामाखेपा की पूरी कहानी

तारापीठ पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले में स्थित है। यह जिला धार्मिक महत्व से बहुत प्रसिद्ध जिला है, क्योंकि हिन्दुओं के 51 शक्तिपीठों में से पांच शक्तिपीठ वीरभूमि जिले में ही है। बकुरेश्वर, नालहाटी, बन्दीकेश्वरी, फुलोरा देवी और तारापीठ। तारापीठ यहां...

हाजी अली दरगाह – Haji Ali Dargah history in hindi

हाजी अली दरगाह मुंबई में सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां सभी धर्मों के लोगों द्वारा समान रूप से दौरा किया जाता है। हाजी अली दरगाह भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित स्थलों में से एक है, जो...

तारकेश्वर मंदिर – तारकेश्वर महादेव कोलकाता, बाबा तारकनाथ मंदिर

भारत के बंगाल राज्य की राजधानी कोलकाता से 85 किलोमीटर की दूरी पर हुुगली जिले में तारकेश्वर नामक एक प्रमुख शहर है। यह शहर यहां स्थित तारकेश्वर मंदिर के रूप में काफी प्रसिद्ध है। इस शहर का नाम भी इस मंदिर...

गुरूवायूर मंदिर केरल का इतिहास – गरूवायूर टेम्पल दर्शन व हिस्ट्री

गुरूवायूर मंदिर केरल के गुरुवायूर में स्थित प्रसिद्ध मन्दिर है।यह कई शताब्दी पुराना है और केरल में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मन्दिर है। मंदिर के देवता भगवान गुरुवायुरप्पन हैं जो बालगोपालन के रूप में हैं। यह दक्षिण भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल...

कालहस्ती मंदिर का इतिहास, कालहस्ती मंदिर तिरूपति की कथा

श्री कालाहस्ती मंदिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में तिरूपति शहर के पास स्थित कालहस्ती नामक कस्बे में एक शिव मंदिर है। ये मंदिर पेन्नार नदी की शाखा स्वर्णामुखी नदी के तट पर बसा है और कालहस्ती के नाम से भी जाना...

कुंभकोणम मंदिर – कुंभकोणम तमिलनाडु का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल

कुंभकोणम दक्षिण भारत का प्रसिद्ध तीर्थ है। यह तमिलनाडु राज्य में चिदंबरम से 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। प्रति बारहवें वर्ष यहां कुंभ का मेला लगता है। जिसमें लाखों की संख्या में यात्री एकत्र होते है। तथा कावेरी नदी...

कैलाश मानसरोवर की यात्रा – मानसरोवर यात्रा की सम्पूर्ण जानकारी

हिमालय की पर्वतीय यात्राओं में कैलाश मानसरोवर की यात्रा ही सबसे कठिन यात्रा है। इस यात्रा में यात्री को लगभग तीन सप्ताह तिब्बत में ही रहना पडता है। केवल इसी यात्रा में ही हिमालय को पूरा पार किया जाता है। दूसरी...

तिरूपति बालाजी दर्शन – तिरुपति बालाजी यात्रा

तिरूपति बालाजी भारत वर्ष के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों मे से एक है। यह आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले मे स्थित है। तिरूपति तमिल भाषा का शब्द है। तिरू का अर्थ है श्री तथा पति का अर्थ है प्रभु। इस प्रकार तिरूपति का सम्मिलित अर्थ है...