Tag: जीवनी

अहल्याबाई की जीवनी – अहल्याबाई होल्कर का जीवन परिचय व कहानी इन हिन्दी

होल्कर साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की कुशल महिला शासकों में से एक रही हैं। अपने इस लेख में हम राजमाता अहल्याबाई होल्कर की जीवनी, अहल्याबाई का इतिहास, अहल्याबाई का जीवन परिचय, अहल्याबाई होल्कर हिस्ट्री इन हिन्दी में विस्तारपूर्वक...

नूरजहाँ हिस्ट्री इन हिन्दी – नूरजहाँ का जीवन परिचय व इतिहास की जानकारी

नूरजहाँ भारतीय इतिहास और मुगल सम्राज्य की सबसे ताकतवर महिला थी। यह मुगल सम्राट जहांगीर की पत्नी थी। अपने इस लेख में हम नूरजहाँ हिस्ट्री इन हिन्दी, नूरजहाँ की जीवनी, नूरजहाँ कौन थी, नूरजहाँ किसकी पत्नी थी, नूरजहाँ का इतिहास, जन्म,...

चाँद बीबी हिस्ट्री इन हिन्दी – चांद बीबी का जीवन परिचय व उसकी हत्या किसने की

सुल्ताना चाँद बीबी कौन थी? उसका नाम था चाँद था। वह हरम का चाँद थी। दक्षिण भारत का चाँद थी। वह सचमुच चाँद-सी सुन्दर थी। वह जन्मी थी उस समय जब सारा दक्षिण भारत स्वतंत्रता के वायुमंडल में साँस ले रहा...

गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन परिचय – गुरु गोबिंद सिंह जी बायोग्राफी इन हिन्दी

साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज सिखों के दसवें गुरु है। गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म पौष शुक्ल सप्तमी वि.सं. 1723 को नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी तथा माता गुजरी जी के घर में पटना साहिब बिहार...

गुरु तेग बहादुर जी का जीवन परिचय – गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी

हिन्दू धर्म के रक्षक, भारतवर्ष का स्वाभिमान, अमन शांति के अवतार, कुर्बानी के प्रतीक, सिक्खों के नौवें गुरु साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी का जन्म वैसाख कृष्ण पंचमी 1678 में हुआ था। आपका बचपन का नाम त्याग मल्ल था। आप...

गुरु हरकिशन का जीवन परिचय – गुरु हरकिशन का इतिहास

गुरु हरकिशन जी सिक्खों के दस गुरूओं में से आठवें गुरु है। श्री गुरु हरकिशन जी का जन्म सावन वदी संवत 1713 वि. दिन बुधवार को हुआ था। 18 कार्तिक वदी नौमी वि.सं. 1718 को इन्होंने गुरूगददी प्राप्त की। गुरु गद्दी...

गुरु हर राय जी की जीवनी – श्री हर राय जी की बायोग्राफी इन हिन्दी

श्री गुरु हर राय जी सिखों के सातवें गुरु थे। श्री गुरू हर राय जी का जन्म कीरतपुर साहिब ज़िला रोपड मे हुआ । पिता का नाम बाबा गुरूदित्ता जी व माता का नाम निहाल कौर था। बचपन में बड़े ही...

गुरु हरगोबिंद साहिब जी का जीवन परिचय, वाणी, गुरूगददी आदि

श्री गुरु अर्जुन देव जी की शहीदी के बाद आपने जब देखा कि मात्र शांति के साथ कठिन समय ठीक नहीं हो सकता तो दुष्ट हाकिमों के साथ लोहा लेने के लिए तथा जुल्म को नष्ट करने के लिए गुरूगददी से...

गुरु अर्जुन देव जी की कथा, वाणी व गुरु अर्जुन देव जी का जीवन परिचय

गुरु अर्जुन देव जी महाराज सिक्खों के पांचवें गुरु है। गुरु अर्जुन देव जी का जन्म 19 बैसाख, वि.सं. 1620 को गोइंदवाल साहिब में श्री गुरु रामदास जी महाराज के घर में हुआ था। गोइंदवाल आपकी ननिहाल थी तथा आप बचपन...

गुरु रामदास जी की जीवनी – श्री गुरु रामदास जी का जीवन परिचय

श्री गुरु रामदास जी सिक्खों के चौथे गुरु थे। श्री गुरू रामदास जी महाराज का जन्म कार्तिक कृष्णा दूज, वि.सं.1591वीरवार वाले दिन,लाहौर शहर में चूना मंडी इलाके में हुआ। आपकी माता दया कौर जी तथा पिता श्री हरिदास जी सोढ़ी थे।...

गुरु अमरदास जी का जीवन परिचय – गुरु अमरदास जी बायोग्राफी

श्री गुरु अमरदास जी महाराज सिखों के तीसरे गुरु साहिब थे। गुरु अमरदास जी का जन्म अमृतसर जिले के ग्राम बासरके में श्री तेजभान भल्ला खत्री के घर में हुआ था। आपकी माता श्री सुलक्खणी जी थी। आपका विवाह 11माघ, वि.सं....

संत नामदेव महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत

मानव में जब चेतना नहीं रहती तो परिक्रमा करती हुई कोई आवाज जागती है। धरा जब जगमगाने लगती है, तो दिव्य ज्योति सम्भूत कोई न कोई शक्ति प्रकट होती है। परिस्थितियां जब प्रतिकूल हो जाती है, तो किसी न किसी अनूकूल...

राजकुमारी अमृत कौर का जीवन परिचय – राजकुमारी अमृत कौर बायोग्राफी

श्री राजकुमारी अमृत कौर वर्तमान युग की उन श्रेष्ठ नारी विभूतियों में से एक है। जिन्होंने राजनीतिक क्षेत्र में भाग लेकर अपने देश को गौरव और सम्मान प्रदान किया है। अगस्त सन् 1947 को जब भारत स्वतंत्र राष्ट्र घोषित हुआ तो...

अमृता शेरगिल का जीवन परिचय – अमृता शेरगिल बायोग्राफी, चित्र, पेंटिंग इन हिन्दी

चित्रकला चित्रकार के गूढ़ भावों की अभिव्यंजना है। अंतर्जगत की सजीव झांकी है। वह असत्य वस्तु नहीं कल्पना की वायु से पोषित नहीं, ठोस और ध्रुव सत्य है। उसमें जीवन का वैभव और सत्य सौंदर्य निहित है। कला में कलाकार का...

विजयलक्ष्मी पंडित निबंध – स्वतंत्रता सेनानी श्रीमती विजयलक्ष्मी पंडित की जीवनी

“आज तक हमारा काम परदेशी नीवं के भवन को गिराना रहा है, परंतु अब हमें अपना भवन बनाना है, जिसकी ईटें हम और आप है। हम जितने सशक्त होगें उतना ही दृढ़ यह हमारा भवन होगा, पर यदि हम दुर्बल रहे...