गोपाल कृष्ण गोखले का जीवन परिचय

गोपाल कृष्ण गोखले

गांधी जी के राजनैतिक गुरु श्री गोपाल कृष्ण गोखले का जन्म भारतीय इतिहास के एक ऐसे युग में हुआ जिसने उनका निर्माण किया, और जिसका अपने जीवन काल में, स्वयं उन्होंने भी बहुत सीमा तक निर्माण किया। उनका जन्म 1857 की उस महानक्रांति के नौ वर्ष बाद हुआ, जिसे भारत का प्रथम स्वाधीनता संग्राम भी कहा […]

बाल गंगाधर तिलक का जीवन परिचय और विचार

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

स्वराज्य मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूंगा” के उद्घोषक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का स्थान स्व॒राज्य के पथ-गामियों मे अग्रणीय है। उनकी दृढता का महामंत्र देश-विदेश में विद्युत की तीव्रगति की तरह गूंजा और दलितों एवं पीड़ितों के लिए अमर संदेश बन गया। स्वतंत्र भारत का बच्चा-बच्चा इस बात से परिचित […]

मलिका किश्वर का इतिहास – मलिका किश्वर की कहानी

मलिका किश्वर

मलिका किश्वर साहिबा अवध के चौथे बादशाह सुरैयाजाहु नवाब अमजद अली शाह की खास महल नवाब ताजआरा बेगम कालपी के नवाब हसीमुद्दीन खाँ की बेटी थीं और मलिका किश्वर उनका खिताब था। नवाबी दौर में मलिका किश्वर जैसी शर्मदार और सलीक़ामन्द बेगम का जवाब नहीं मिलता है। मिर्जा कैसर जमां नवाब वाजिद अली शाह उन्हीं की सन्तान […]

कुदसिया महल गरीबों की मसीहा

बेगम कुदसिया महल

लखनऊ के इलाक़ाए छतर मंजिल में रहने वाली बेगमों में कुदसिया महल जेसी गरीब परवर और दिलदार बेगम दूसरी नहीं हुई। लखनऊ के नवाब नसीरुद्दीन हैदर की इस महबूब मलिका की सखावत के डंके सारे शहर में बजते थे। उनके दरे-दौलत से कोई कभी खाली हाथ नहीं लौटता था। इस दरियादिली की एक वजह यह भी थी […]

बेगम अख्तर का जीवन परिचय – बेगम अख्तर कौन थी

बेगम अख्तर

बेगम अख्तर याद आती हैं तो याद आता है एक जमाना। ये नवम्बर, सन्‌ 1974 की बात है जब भारतीय रजत पट के सुप्रसिद्ध संगीत निर्देशक मदन मोहन लखनऊ के पसन्द बाग में बेगम अख्तर की कब्र पर पहुँचे थे, बेगम साहबा के पति बेगम साहिबा को गुज़रे अभी चार दिन ही बीते थे इसलिये […]

सआदत खां बुर्हानुलमुल्क उर्फ मीर मुहम्मद अमीन लखनऊ के प्रथम नवाब

सआदत खां बुर्हानुलमुल्क

सैय्यद मुहम्मद अमी उर्फ सआदत खां बुर्हानुलमुल्क अवध के प्रथम नवाब थे। सन्‌ 1720 ई० में दिल्ली के मुगल बादशाह मुहम्मद शाह ने सैय्यद मुहम्मद अमी उर्फ नवाब सआदत खां प्रथम को आगरा का सूबेदार बना कर भेजा। इस प्रकार मुहम्मद अमी अवध के पहले नवाब हुए। मुहम्मद अमी निशापुर के ईरानी सौदागर थे। बादशाह मुहम्मद शाह […]

नवाब सफदरजंग लखनऊ के दूसरे नवाब

नवाब सफदरजंग

नवाब सफदरजंग अवध के द्वितीय नवाब थे। लखनऊ के नवाब के रूप में उन्होंने सन् 1739 से सन् 1756 तक शासन किया। इनका पूरा नाम नवाब अलमंसूर खां सफदरजंग था। इनके वालिद जाफरबेग खां थे। इनका जन्म 1708 ई में हुआ था। इनके शासन काल में लखनऊ ने नई बुलंदियों को छूआ।     नवाब सफदरजंग […]

नवाब शुजाउद्दौला लखनऊ के तीसरे नवाब

नवाब शुजाउद्दौला

नवाब शुजाउद्दौला लखनऊ के तृतीय नवाब थे। उन्होंने सन् 1756 से सन् 1776 तक अवध पर नवाब के रूप में शासन किया। नवाब शुजाउद्दौला का जन्म 19 जनवरी सन् 1732 में मुग़ल बादशाह दारा शिकोह के महल दिल्ली में हुआ था। इनके वालिद नवाब अलमंसूर खां सफदरजंग थे। जो दिल्ली के मुग़ल बादशाह के यहां सुबेदार थे। […]

नवाब आसफुद्दौला लखनऊ के चौथे नवाब

नवाब आसफुद्दौला

नवाब आसफुद्दौला– यह जानना दिलचस्प है कि अवध (वर्तमान लखनऊ) के नवाब इस तरह से बेजोड़ थे कि इन नवाबों को उनके युद्धों और जीत के लिए उतना नहीं जाना जाता था, जितना कि उन्होंने अद्वितीय अवधी संस्कृति को अपनाया था। अवध के नवाबों के युग को उस विशिष्ट व्यंजन के लिए जाना जाता है […]

नवाब वजीर अली खां लखनऊ के 5वें नवाब

नवाब वजीर अली खां

नवाब वजीर अली खां अवध के 5वें नवाब थे। उन्होंने सन् 1797 से सन् 1798 तक लखनऊ के नवाब के रूप में शासन किया। उनका जन्म 17 अप्रैल सन् 1780 को लखनऊ में हुआ था। नवाब मिर्जा अली उर्फ नवाब वजीर अली खां अपने वालिद नवाब आसफुद्दौला के गुज़र जाने के बाद अवध की गद्दी पर […]

नवाब सआदत अली खां द्वितीय लखनऊ के 6वें नवाब

नवाब सआदत अली खां

नवाब सआदत अली खां अवध 6वें नवाब थे। नवाब सआदत अली खां द्वितीय का जन्म सन् 1752 में हुआ था। उन्होंने सन् 1798 से 1814 तक लखनऊ के नवाब के रूप में शासन किया। इनके वालिद नवाब आसफुद्दौला थे। अपने भतीजे नवाब वजीर अली को अंग्रेजों की मदद से नवाब की गद्दी से उतार कर इन्होंने […]

नवाब गाजीउद्दीन हैदर लखनऊ के 7वें नवाब

नवाब गाजीउद्दीन हैदर

नवाब गाजीउद्दीन हैदर अवध के 7वें नवाब थे, इन्होंने लखनऊ के नवाब की गद्दी पर 1814 से 1827 तक शासन किया था। अपने वालिद नवाब सआदत अली खां की मृत्यु के पश्चात 12 जुलाई सन्‌ 1814 ई० को नवाब सआदत अली खां के साहबजादे नवाब गाजीउद्दीन हैदर गद्दी पर विराजे। नवाब गाजीउद्दीन हैदर का जन्म 1769 […]

नवाब नसीरुद्दीन हैदर लखनऊ के 8वें नवाब

नवाब नसीरुद्दीन हैदर

नवाब नसीरुद्दीन हैदर अवध के 8वें नवाब थे, इन्होंने सन् 1827 से 1837 तक लखनऊ के नवाब के रूप में शासन किया। नवाब नसीरूद्दीन हैदर, नवाब गाजीउद्दीन हैदर के पुत्र थे। 9 सितंबर सन् 1803 को नवाब नसीरूद्दीन हैदर का जन्म हुआ था। इनके बाद इनके पुत्र नवाब मुहम्मद अली शाह ने शासन किया था।     नवाब […]

नवाब मुहम्मद अली शाह लखनऊ के 9वें नवाब

नवाब मुहम्मद अली शाह

मुन्नाजान या नवाब मुहम्मद अली शाह अवध के 9वें नवाब थे। इन्होंने 1837 से 1842 तक लखनऊ के नवाब के रूप में शासन किया। नवाब मुहम्मद अली शाह के वालिद नवाब नसीरूद्दीन हैदर थे। इनके शासन काल में लखनऊ में खूब तरक्की हुई अनेक इमारतों का निर्माण हुआ।   नवाब मुहम्मद अली शाह का जीवन परिचय […]

नवाब अमजद अली शाह लखनऊ के 10वें नवाब

नवाब अमजद अली शाह

अवध की नवाब वंशावली में कुल 11 नवाब हुए। नवाब अमजद अली शाह लखनऊ के 10वें नवाब थे, नवाब मुहम्मद अली शाह के गुजरने के बाद नवाब अमजद अली शाह ने गद्दी संभाली अमजद साहब बड़े ही अय्याश और रंगीन मिजाज निकले सुरों और हुस्न परियों के बीच मदमस्त रहना उनके जीवन का एक अंग बन […]

नवाब वाजिद अली शाह कौन थे – वाजिद अली शाह का जीवन परिचय

नवाब वाजिद अली शाह

नवाब वाजिद अली शाह लखनऊ के आखिरी नवाब थे। और नवाब अमजद अली शाह के उत्तराधिकारी थे। नवाब अमजद अली शाह की मृत्यु के पश्चात 12 फरवरी सन्‌ 1847 को अवध के आखिरी नवाब वाजिद अली शाह ने हुकूमत की लगाम अपने हाथों में थाम ली। नवाब वाजिद अली शाह का जन्म जून 1821 ई० अर्थात […]

एनरिको फर्मी का जीवन परिचय – एनरिको फर्मी की खोज

एनरिको फर्मी

एनरिको फर्मी— इटली का समुंद्र यात्री नई दुनिया के किनारे आ लगा। और ज़मीन पर पैर रखते ही उसने देखा कि लोग तो यहां सब दोस्त ही दोस्त हैं। और कि इधर की दुनिया उतनी पेचीदा भी नहीं है जितनी कि उसने समझ रखी थी। इस सन्देश का कोलम्बस के (1492 में ) अमरीका पहुंचने से […]

नील्स बोर का जीवन परिचय – नील्स बोर का परमाणु मॉडल

नील्स बोर

दरबारी अन्दाज़ का बूढ़ा अपनी सीट से उठा और निहायत चुस्ती और अदब के साथ सिर से हैट उतारते हुए उसने बन्दगी की। पास में खड़ी महिला ने जो एक अमेरीकन वैज्ञानिक की पत्नी थी, बताया था कि मेरा पति कोपेनहेगन के इन्स्टीट्यूट फॉर थिअरेटिकल फीज़िक्स में विद्या ग्रहण कर रहा है। सलामी का यह […]

एलेग्जेंडर फ्लेमिंग का जीवन परिचय – एलेग्जेंडर फ्लेमिंग की खोज

एलेग्जेंडर फ्लेमिंग

साधारण-सी प्रतीत होने वाली घटनाओं में भी कुछ न कुछ अद्भुत तत्त्व प्रच्छन्न होता है, किन्तु उसका प्रत्यक्ष कर सकने के लिए भी आवश्यक होता है कि पहले हम एक कुशल शिल्पी बन चुके हों, हमें अपने हुनर में दक्षता प्राप्त हो चुकी हो। सर एलेग्जेंडर फ्लेमिंग जो पेनिसिलिन का आविष्कार कर सका, वह केवल […]

अल्बर्ट आइंस्टीन का जीवन परिचय – अल्बर्ट आइंस्टीन के आविष्कार?

अल्बर्ट आइंस्टीन

“डिअर मिस्टर प्रेसीडेंट” पत्र का आरम्भ करते हुए विश्वविख्यात वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने लिखा, ई० फेर्मि तथा एल० जीलार्ड के कुछ नये अनुसंधानों से मुझे अवगत कराया गया है। इन अनुसंधानों की पाण्डुलिपि का अध्ययन करने के पश्चात्‌ मुझे विश्वास हो गया है कि निकट भविष्य में ही वैज्ञानिक यूरेनियम को एक नये और महत्त्वपूर्ण […]

हम्फ्री डेवी इंफोर्मेशन – हम्फ्री डेवी की जीवनी और आविष्कार?

हम्फ्री डेवी

15 लाख रुपया खर्च करके यदि कोई राष्ट्र एक ऐसे विद्यार्थी की शिक्षा-दीक्षा का प्रबन्ध कर सकता है जो कल वॉट डेवी या फैराडे जैसा वैज्ञानिक हो सकता है तो ऐसा सौदा एक मिट्टी के मोल का सौदा ही होगा। इन शब्दों में टामस हक्सले ने जो स्वयं भी एक माना हुआ ब्रिटिश वैज्ञानिक था, […]

मैरी क्यूरी का जीवन परिचय – मैरी क्यूरी की मौत कैसे हुई?

मैरी क्यूरी

मैंने निश्चय कर लिया है कि इस घृणित दुनिया से अब विदा ले लूं। मेरे यहां से उठ जाने से किसी को भी कुछ बड़ा नुकसान नहीं होगा। प्रेम में ताज़ा-ताज़ा धोखा खाई हुई एक सत्रह साल की लड़की ने अपनी चचेरी बहिन को पत्र में लिखा। किन्तु विज्ञान के सौभाग्य से नवयुवती अपनी उस […]

मैक्स प्लांक की जीवनी – मैक्स प्लांक का क्वांटम सिद्धांत क्या है?

मैक्स प्लांक

दोस्तो आप ने सचमुच जादू से खुलने वाले दरवाज़े कहीं न कहीं देखे होंगे। जरा सोचिए दरवाज़े की सिल पर वह प्रकाश की एक किरण फैली हुई है। इस किरण के रास्ते में कोई रुकावट आ पड़े तो एक मोटर चालू हो जाती है और दरवाजा खुल जाता है। इलेक्ट्रिक आई, अथवा विद्युत-नेत्र के अन्यान्य […]

हेनरिक हर्ट्ज का जीवन परिचय – हेनरिक हर्ट्ज की खोज व सिद्धांत?

हेनरिक ऊ

रेडार और सर्चलाइट लगभग एक ही ढंग से काम करते हैं। दोनों में फर्क केवल इतना ही होता है कि जहां सर्चलाइट प्रकाश-शक्ति की एक किरण को बाहर फेंकता है, वहां रेडार हाई-फ्रीक्वेंसी रेडियो-एनर्जी को प्रयोग में लाता है। सार्च लाइट की रोशनी जब किसी चीज़ से जाकर टकराती है, तब उस रोशनी का कुछ […]

जे जे थॉमसन का जीवन परिचय और जे जे थॉमसन की खोज?

जे जे थॉमसन

योग्यता की एक कसौटी नोबल प्राइज भी है। जे जे थॉमसन को यह पुरस्कार 1906 में मिला था। किन्तु अपने-आप में वह एक महान वैज्ञानिक न भी होता तब भी एक अद्वितीय अध्यापक होने के नाते भी वह किसी पुरस्कार का अधिकारी होता ही। विश्व-भर में अनगिनत वैज्ञानिकों को उससे प्रेरणा मिली, निर्देशन मिला, कम […]

अल्बर्ट अब्राहम मिशेलसन का जीवन परिचय और खोज

अल्बर्ट अब्राहम मिशेलसन

सन् 1869 में एक जन प्रवासी का लड़का एक लम्बी यात्रा पर अमेरीका के निवादा राज्य से निकला। यात्रा का ध्येय था, अमरीका के राष्ट्रपति यूलीस्सिस एस० ग्रांट से मुलाकात, क्‍योंकि एन्नापोलिस की अमरीकी नौसेना एकेडमी में दस नियुक्तियां खुद राष्ट्रपति को नामजद करनी थीं। यात्रा लम्बी भी थी और असुविधाओं से भरपूर भी। एकेडमी […]

इवान पावलोव जिसने खोजा था बच्चे के चिड़चिड़ापन और ज़िद्दीपन का कारण?

इवान पावलोव

भड़ाम! कुछ नहीं, बस कोई ट्रक था जो बैक-फायर कर रहा था। आप कूद क्यों पड़े ? यह तो आपने सोचा ही नहीं था कि कोई खतरा है, सोचने की नौबत ही नहीं आई। सोचने को वक्‍त ही कहां था, बस आप एकदम से कूद पड़े। धूल का एक कण जब आंख के पास पहुंचने […]

विलहम कॉनरैड रॉटजन का जीवन परिचय और एक्स-रे का आविष्कार?

विलहम कॉनरैड रॉटजन

विज्ञान में और चिकित्साशास्त्र तथा तंत्रविज्ञान में विशेषतः एक दूरव्यापी क्रान्ति का प्रवर्तन 1895 के दिसम्बर की एक शरद शाम को हुआ था। 50 वर्ष के एक जर्मन भौतिकी-उपाध्याय ने वुत्सबुर्ग मेडिकल एण्ड फिजिकल सोसाइटी के एक शान्त अधिवेशन के सम्मुख अपने अनुसंधान का प्रदर्शन किया। विलहम कॉनरैड रॉटजन को छाया चित्र अंकित करने की […]

दिमित्री मेंडेलीव का जीवन परिचय और दिमित्री मेंडेलीव की खोज

दिमित्री मेंडेलीव

आपने कभी जोड़-तोड़ (जिग-सॉ) का खेल देखा है, और उसके टुकड़ों को जोड़कर कुछ सही बनाने की कोशिश की है ? शुरू शुरू में सभी कुछ बेसिर पैर नजर आता है।सेकड़ों टुकड़े मुख्तलिफ शक्लों, रंगों, मापों के टुकड़े लेकिन कुछ गौर के साथ चीज़ को कुछ पढ़ने की करे तो मसला अपने आप हल होने […]

जेम्स क्लर्क मैक्सवेल बायोग्राफी – मैक्सवेल के आविष्कार?

जेम्स क्लर्क मैक्सवेल

दो पिन लीजिए और उन्हें एक कागज़ पर दो इंच की दूरी पर गाड़ दीजिए। अब एक धागा लेकर दोनों पिनों के गिर्द एक घेरा-सा डाल दीजिए, यह घेरा ढीला हो। इस घेरे में किसी बिन्दु पर एक पेंसिल की नोक टिकाकर धागे को कस लीजिए और धागे को तानते हुए कागज़ पर चारों ओर […]