Salamanca war – Battle of Salamanca in hindi सेलेमनका का युद्ध

स्पेन फ्रांस का मित्र देश था किंतु नेपोलियन नहीं चाहता था कि यूरोप में कोई भी ऐसा देश बचा रह जाये जो फ्रांस के अधीन न हो और स्वतंत्रत रह कर खतरा पैदा कर सके। इसी इरादे से उसने 1808 में मुरात के नेतृत्व में सेनाएं भेज कर स्पेन पर कब्जा कर लिया और अपने भाई , जोसेफ बोनापार्ट को यहां का राजा बना दिया। स्पेन की जनता ने विद्रोह कर दिया। पड़ोसी पुर्तगाल भी नेपोलियन की अधीनता से मुक्ति पाना चाहता था। ब्रिटेन नेपोलियन की बढती शक्ति को रोकने के लिए पहले से ही प्रयत्नशील था। इस प्रकार, पृर्तगाल, ब्रिटेन और स्पेन की स्वतन्ता प्रेमी सेनाओ ने 1912 से स्पेनी नगर सेलेमनका (Salamanca) मे फ्रॉंसीसी सेनाओं या मुकाबला किया। फ्रांसीसी सेनाएं पराजित हुई और नेपोलियन का भाई जोसेफ स्पेन की गद्दी छोड़ कर भाग खड़ा हुआ। अपने इस लेख में हम इसी सेलेमन का युद्ध (Battle of Salamanca) का उल्लेख करेंगे और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से जानेंगे:—

 

 

Salamanca सेलेमनका का युद्ध कब हुआ था? सेलेमनका का युद्ध किसके बीच हुआ था? Battle of Salamanca in hindi? Salamanca war in hindi? Salamanca ki ladayi?

 

सेलेमनका युद्ध का कारण (Cause of the Salamanca War)

 

नेपोलियन बोनापार्ट (Nepolian Bonaparte) कुशल योद्धा और सेनानायक अवश्य था किन्तु वह सदा अपनी सुरक्षा के प्रति आशंकित भी रहता था। उसके मन में यह बात बैठ गयी थी कि यदि यूरोप का कोई देश स्वतन्त्र रह गया या फ्रांस के अधीन नही हुआ तो उसका जीवन और सामाज्य खतरे मे पड़ जायेगा। इसी आशंका के कारण नेपोलियन ने कई गलत निर्णय लिये। पुर्तगाल और स्पेन पर उसके हमले इसी गलत निर्णय के परिणाम कहे जायेगे। स्पेन और पुर्तगाल, दोनों ही नेपोलियन के समर्थक थे और फ्रांस के साथ मित्रता चाहते थे किन्तु इन दोनों देशों का स्वतन्त्र अस्तित्व नेपोलियन की आंखों में खटक रहा था। वह इन देशों पर आक्रमण के बहाने ढूंढ रहा था।

 

 

1806 में नेपोलियन ने ब्रिटेन के विरुद्ध आर्थिक नाकेबंदी (Economic Blocked) की घोषणा की। महाद्वीपीय प्रणाली (Continental System) के नाम से मशहूर इस नाकेबंदी का मकसद ब्रिटेन को यूरोप में आर्थिक रूप से अलग-थलग करके कमजोर बना देना था। नेपोलियन के अधीन यूरोप के जितने भी देश थे, वे इस प्रणाली को मानने को विवश थे किन्तु पुर्तगाल ने इस प्रणाली को स्वीकार करने से इंकार कर दिया। नेपोलियन को पुर्तगाल पर आक्रमण का अच्छा बहाना मिल गया और उसने अब्रांतेस के ड्यूक (Duke Of Abrantes) जुनोत (Junot) के नेतृत्व में एक बडी सेना वहां भेज दी। नवम्बर, 1807 में जुनोत ने
पुर्तगाल पर हमला करके उस पर कब्जा कर लिया। पुर्तगाल के शाही परिवार (Royal Family) को भाग कर ब्राजील जाना पड़ा।

 

 

1808 में मुरात (Murat) के नेतृत्व में लगभग एक लाख फ्रांसीसी सेना ने स्पेन पर हमला कर दिया। इस बार हमले के लिए बहाना यह बनाया गया कि ब्रिटेन की नौसेना बहुत सुदृढ़ है और स्पेन के समुद्री तटों की ब्रिटिश नौसेना के विरुद्ध तभी सुरक्षा की जा सकती है जब वे तट फ्रांसीसी संरक्षण में हो। स्पेन पर विजय प्राप्त करने के बाद नेपोलियन के भाई जोसेफ बोनापार्ट को वहा की गद्दी पर बिठा दिया गया। पुर्तगाल और स्पेन पर नेपोलियन ने अधिकार तो कर लिया किन्तु इन देशो की जनता ने विद्रोह कर दिया। जोसेफ बोनापार्ट के विरुद्ध गुरिल्ला कार्य वाहियां लगातार चलती रही। इन देशभक्त गुरिल्लों को ब्रिटेन की हर प्रकार की सहायता मिलती रही।

 

 

रूस पर आक्रमण करके नेपोलियन के हाथ कुछ भी नहीं लगा था और बहुत बडी संख्या मे सैनिकों के मरने के कारण उसकी शक्ति क्षीण पड़ गयी थी। प्रायद्वीपीय युद्धों (Peninsular Wars) में भी नेपोलियन को क्षति उठानी पड़ी थी। यूरोप के उसके विशालकाय साम्राज्य में युद्ध के कई मोर्चे थे जिन पर उसे अपनी सेनाएं भी रखनी पड़ रहीं थीं और धन भी खर्च करना पड रहा था। नेपोलियन की इन स्थितियों को ध्यान मे रखते हुए ब्रिटेन ने सर आर्थर वैलेस्ली (Sir. Arthur Wellesley) के नेतृत्व में, जिन्हें बाद मे वेलिंगटन का ड्यूक (Duke of Wellington) बनाया गया, एक बड़ी सेना स्पेन को स्वतन्त्र कराने के लिए भेज दी। स्पेन की देशभक्त सेनाओं से समर्थित ब्रिटिश सेनाओं तथा फ्रांसीसी सेनाओं के बीच जुलाई-अगस्त, 1812 में युद्ध हुआ और फ्रांस की पराजय हुई। सेलेमनका (Salamanca) के निर्णायक युद्ध के बाद नेपोलियन का भाई स्पेन से भाग खड़ा हुआ।

 

 

सेलेमनका युद्ध का प्रारम्भ (when start Salamanca war)

युद्ध 22 जुलाई, 1812 को सेलेमेनका (Salamanca) नामक स्थान से शुरू हुआ। फ्रांसीसी सेनाओ का नेतृत्व मार्शल मार्मा कर रहे थे। मार्मा की सेना बुरी तरह पराजित हुई। 2 अगस्त, 1812 को नेपोलियन का भाई जोसेफ बोनापार्ट अपने साथियों सहित स्पेन की राजधानी मैड्रिड (Madrid) छोड़कर भाग गया और वेलिंगटन ने राजधानी मे प्रवेश किया परन्तु कुछ ही समय पश्चात फ्रांसीसी सेनाओ ने पुनः मैड्रिड पर अधिकार कर लिया।नेपोलियन ने जोसेफ की सहायता के लिए जोर्डन नामक सेनापति को भेजा। 21 जून 1813 को ब्रिटिश सेनापति ने जोसेफ तथा उसके सेनापति जोर्डन को विटोरिया (Vittoria) के युद्ध मे पराजित किया। जोसेफ तथा जोर्डन स्पेन छोडकर फ्रांस भाग गये। बाद मे वेलिंगटन ने फ्रांस पर भी आक्रमण किया।

 

 

सेलेमनका युद्ध का परिणाम (Salamanca war results)

 

 

नेपोलियन को इस युद्ध ने पतन के कगार पर ला खडा किया। दरअसल इस युद्ध मे नेपोलियन की घोर पराजय के पीछे कई स्थितियां काम कर रहीं थी। स्पेन जैसे पहाड़ी प्रदेश मे फ्रांसीसी सेनाएं अपना कौशल नही दिखा पायी, जबकि स्पेनी छापामार शत्रु-सेना पर हमला कर पहाडी मे छिप जाते थे।

 

 

दूसरे, अभी तक नेपोलियन ने निरंकुश राजाओं को ही पराजित किया था परन्तु यहां स्पेनवासियो की अटूट राष्ट्रीय भावना से उसका मुकाबला हुआ। फ्रांसीसी सेना का अधिकाश भाग स्पेनी छापामारों के विद्रोह-दमन में ही लगा रहा। फलत: तीन लाख सेना में से सिर्फ 70 हजार ही मोर्चे पर मौजूद थी।

 

 

पादरियों ने भी नेपोलियन का विरोध किया। उन्होंने जनता में उत्साह और साहस उत्पन्न किया। फ्रांस से मुक्ति प्राप्त करने के पश्चात्‌ स्पेन मे एक संदनीय संसद व प्रजातन्त्र (Single House Parliament of Democracy) की स्थापना हुई। नेपोलियन के न केवल असंख्य सैनिक हताहत हुए बल्कि योग्य सेनापति भी मारे गये। इस तरह नेपोलियन की बिखरती शक्ति को देखकर उत्तरी यूरोप के राष्ट्र संगठित होकर पूर्ण स्वतन्त्र होने का स्वप्न देखने लगे। 1814 के लाइपजिग (Leipzig) युद्ध मे प्रशिया, रूस, ऑस्ट्रिया और ब्रिटेन तथा 1855 के वाटरलू युद्ध में वेलिंगटन ने नेपोलियन को अंतिम रूप से पराजित कर दिया।

 

 

हमारे यह लेख भी जरूर पढ़े:—

 

 

ईरान इराक का युद्ध
1979 में ईरान के शाह रजा पहलवी के गद्दी छोड़कर भागने तथा धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी के आगमन से आंतरिक Read more
फॉकलैंड द्वीपसमूह
भोगौलिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से फॉकलैंड ब्रिटेन की अपेक्षा अर्जेण्टीना के काफी निकट है किन्तु ब्रिटेन उसे अपना उपनिवेश मानता Read more
वियतनाम का युद्ध
भारत के दक्षिण-पूर्व में एक छोटा-सा देश है वियतनाम सोशलिस्ट रिपब्लिक। 69 वर्षों तक फ्रांसीसी उपनिवेश रहने के बाद 1954 Read more
प्रथम विश्व युद्ध
यूं तो प्रथम विश्व युद्ध का आरंभ सर्ब्रियनवासी राष्ट्रवादी (Serbian Nationalist) द्वारा आस्ट्रिया के राजकुमार आर्कडयूक फ्रैंज फर्डिनैंड (Archduke Franz Ferdinand) Read more
अरब इजरायल युद्ध
द्वितीय विश्य युद्ध की समाप्ति के बाद 14 मई, 1948 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने ब्रिटिश आधिपत्य के फिलिस्तीनी भू-क्षेत्र Read more
बाल्कन युद्ध
दक्षिण पूर्वी यूरोप के बाल्कन प्रायद्वीप (Balkan Peninsula) के देश तुर्क साम्राज्य की यातनापूर्ण पराधीनता से मुक्त होना चाहते थे। Read more
रूस जापान युद्ध
20वीं सदी के प्रारम्भ में ज़ारशाही रूस ने सुदूर पूर्व एशिया (For East Asia) के दो देशों, मंचूरिया और कोरिया पर Read more
फ्रांस प्रशिया युद्ध
प्रिंस ओट्टो वॉन बिस्मार्क (Prince Otto Van Bismarck) को इसी युद्ध ने जर्मन साम्राज्य का संस्थापक और प्रथम चांसलर बना Read more
क्रीमिया का युद्ध
तुर्क साम्राज्य के ईसाइयों को सुरक्षा प्रदान करने के बहाने रूस अपने भू-क्षेत्र का विस्तार कॉस्टेंटिनोपल (Constantinople) तक करके भूमध्य सागर Read more
वाटरलू का युद्ध
वाटरलू का युद्ध 1815 में लड़ा गया था। यह युद्ध बेल्जियम में लडा़ गया था। नेपोलियन का ये अन्तिम युद्ध Read more
Austerlitz war
जुलाई, 1805 में ब्रिटेन, आस्ट्रिया, रूस और प्रशिया ने मिलकर नेपोलियन से टककर लेने का निर्णय किया। जवाब में नेपोलियन ने Read more
सप्तवर्षीय युद्ध
सात वर्षों तक चलने वाले इस युद्ध मे एक ओर ऑस्टिया, फ्रांस, रूस, सैक्सोनी, स्वीडन तथा स्पेन और दूसरी तरफ Read more
तीस वर्षीय युद्ध
यूरोप मे धार्मिक मतभेदों विशेष रुप से कैथोलिक (Catholic) तथा प्रोस्टेंटस (Protestents) के बीच मतभेदों के कारण हुए युद्धों में Read more
गुलाब युद्ध
पंद्रहवीं शताब्दी में ब्रिटेन मे भयानक गृहयुद्ध हुए। इनकी शुरुआत तब हुई जब ब्रिटेन का, तत्कालीन शासक हेनरी छठम (Henri Read more
सौ वर्षीय युद्ध
लगभग 135 वर्षों तक फ्रांस और ब्रिटेन के बीच चलने वाले इस सौ वर्षीय युद्ध का आरम्भ तब हुआ जब ब्रिटेन Read more
धर्मयुद्ध
येरूशलम (वर्तमान मे इसरायल की राजधानी) तीन धर्मों की पवित्र भूमि हैं। ये धर्म हैं- यहूदी, ईसाई और मुस्लिम। समय-समय Read more
रोमन ब्रिटेन युद्ध
महान रोमन सेनानायक जूलियस सीजर (Julius Caesar) ने दो बार ब्रिटेन पर चढ़ाई की। 55 ई.पू. और 54 ई.पू. में। Read more
प्यूनिक युद्ध
813 ई.पू. में स्थापित उत्तरी अफ्रीका का कार्थेज राज्य धीरे-धीरे इतना शक्तिशाली हो गया कि ई.पू तीसरी-दूसरी शताब्दी में भूमध्यसागरीय Read more
एथेंस स्पार्टा युद्ध
प्राचीन यूनान के दो राज्य-प्रदेशो एथेंस और स्पार्टा में क्षेत्रीय श्रेष्ठता तथा शक्ति की सर्वोच्चता के लिए प्रतिदंद्धिता चलती रहती थी। Read more
थर्मापायली का युद्ध
पूर्व-मध्य यूनान में एक बड़ा ही सेकरा दर्रा है- थर्मापायली। यह दर्रा उत्तरी मार्ग से यूनान में आने-जाने का मुख्य Read more
मैराथन का युद्ध
ई.पू. पांचवीं-छठी शताब्दी में फारस के बादशाहों का बड़ा बोलबाला था। एजियन सागर (Aegean sea) के निकट के लगभग सभी Read more
ट्रॉय का युद्ध
1870 में जर्मन पुरातत्ववेत्ता (Archaeology) हेनरिक श्लिमैन (Henrich Schliemann) ने पहली बार सिद्ध किया कि टॉय का युद्ध यूनानी कवि होमर Read more
1971 भारत पाकिस्तान युद्ध
भारत 1947 में ब्रिटिश उपनिषेशवादी दासता से मुक्त हुआ किन्तु इसके पूर्वी तथा पश्चिमी सीमांत प्रदेशों में मुस्लिम बहुमत वाले क्षेत्रों Read more

 

Add a Comment