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नादिया के दर्शनीय स्थल

नादिया के दर्शनीय स्थल – कृष्णानगर पर्यटन स्थल

नादिया पश्चिम बंगाल का एक जिला है जिसका जिला मुख्यालय कृष्णानगर है। नादिया सेन राजपूतों की राजधानी थी। मुहम्मद गौरी के सहायक सेनानायक बख्तियार खिलजी ने नादिया पर 1197 ई० में घोड़ों के सौदागर के रूप में उस समय आक्रमण कर दिया, जिस समय यहां का राजा लक्षमण सेन युद्ध के लिए तैयार न था। फलस्वरूप वह यहां से भाग खड़ा हुआ। गौरी ने बंगाल…

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पांडुआ के दर्शनीय स्थल

पांडुआ का इतिहास – पांडुआ के दर्शनीय स्थल

पांडुआ यह स्थान गोलपाड़ा के निकट है। मध्य काल में यह बंगाल प्रांत का एक हिस्सा हुआ करता था। आजकल पांडुआ भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के हुगली ज़िले में स्थित एक शहर है। इसके गौरवशाली इतिहास के कारण यहां कई ऐतिहासिक स्मारक और भवन जो पांडुआ के पर्यटन में मुख्य भूमिका निभाते हैं। पांडुआ का इतिहास - पांडुआ हिस्ट्री इन हिन्दी मुहम्मद…

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मुर्शिदाबाद के दर्शनीय स्थल

मुर्शिदाबाद का इतिहास – मुर्शिदाबाद के दर्शनीय स्थल

मुर्शिदाबाद यह शहर कलकत्ता से 224 किमी दूर है। और पश्चिम बंगाल राज्य के प्रमुख शहरों में आता है। मुर्शिदाबाद का इतिहास देखने से पता चलता है कि औरंगजेब के समय में आजिम यहां का सूबेदार था। औरंगजेब की मृत्यु के बाद वह अपने दीवान और नाएब सूबेदार मुर्शीद कुली जाफर खाँ को शासन-भार सौंपकर दिल्‍ली चला गया। 1713 में फरुखसियार ने मुर्शीद कुली जाफर…

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गौड़ के दर्शनीय स्थल

गौड़ का इतिहास – गौड़ मालदा के दर्शनीय स्थल

गौड़ या गौर भारत के पश्चिम बंगाल राज्य के मालदा जिले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर है। किसी समय गौड़ राज्य हुआ करता था। सातवीं शताब्दी में यहां शशांक का राज्य था। हर्षवर्धन ने उसे कामरूप (आधुनिक असम) के राजा भास्कर वर्मन की सहायता से हरा दिया था। इसके बाद बंगाल के पूर्वी भाग, जिसमें गौड़ पड़ता था, को भास्कर वर्मन ने और पश्चिमी भाग…

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तिरुचिरापल्ली के दर्शनीय स्थल

तिरुचिरापल्ली का इतिहास और दर्शनीय स्थल

त्रिचिनापल्ली तमिलनाडु राज्य में तंजौर के 55 किमी पश्चिम में है। इसका आधुनिक नाम तिरुचिरापल्ली है। इसे त्रिची भी कहा जाता है। द्वारसमुद्र के होयसल वंश का अंतिम शासक बल्लाल तृतीय 1342 में मुस्लिमों से युद्ध करता हुआ तिरुचिरापल्ली में ही मारा गया था। 1732 में अर्काट के नवाब दोस्त अली खान ने अपने दामाद चंदा साहिब को त्रिचनापल्‍ली पर कब्जा करने के लिए भेजा…

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महाबलीपुरम मंदिर और दर्शनीय स्थल

महाबलीपुरम का इतिहास – महाबलीपुरम दर्शनीय स्थल

महाबलीपुरम यह स्थान तमिलनाडु में मद्रास (चेन्नई) के दक्षिण में 50 किमी दूर है। इसका निर्माण पल्‍लव राजा मम्मल नरसिंह वर्मन प्रथम (630-638 ई०) ने कराया था। प्रारंभ इसे मम्मलपुरम कहा जाता है। यह कभी पल्‍लव राजाओं की प्रमुख बंदरगाह होती थी। यह स्थान यहां स्थित महाबलीपुरम रथ मंदिर के लिए भी जाना जाता है। महाबलीपुरम का इतिहास महाबलीपुरम में मम्मल शैली…

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रंगनाथ स्वामी मंदिर श्रीरंगम

श्रीरंगम का इतिहास – श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर

श्रीरंगम भारत के तमिलनाडु राज्य में त्रिरुचिरापल्ली के पांच किलोमीटर उत्तर में कावेरी नदी की दो शाखाओं के बीच एक द्वीप के रूप में स्थित है। श्रीरंगम एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यह स्थान यहां स्थित भारत के प्रमुख मंदिर श्री रंगनाथ स्वामी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। बड़ी संख्या में यहां श्रृद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। श्रीरंगम एक तीर्थ स्थान के रूप…

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वेल्लोर के पर्यटन स्थल

वेल्लोर का इतिहास – महालक्ष्मी गोल्डन टेंपल वेल्लोर के दर्शनीय स्थल

वेल्लोर यह शहर तमिलनाडु में कांचीपुरम के लगभग 60 किमी पश्चिम में है। यह पालर नदी के किनारे स्थित है। वेल्लोर एक ऐतिहासिक शहर है यह शहर यहां स्थित वेल्लोर महालक्ष्मी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, महालक्ष्मी मंदिर को गोल्डन टेंपल के नाम से भी जाना जाता है। यह शहर 10 जुलाई सन् 1806 के वेल्लोर विद्रोह के लिए भी इतिहास के सुनहरे पन्नों में…

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तंजौर का मंदिर

तंजौर का इतिहास – तंजौर का वृहदेश्वर मंदिर

तंजौर जिसे तंजावुर के नाम से भी जाना जाता है, तमिलनाडु का प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक शहर है। तंजौर का वृहदेश्वर मंदिर बहुत प्रसिद्ध मंदिर है, जिसके लिए इसे जाना जाता है। तंजौर दसवीं से चौदहवीं शताब्दी तक चोल शासकों की राजधानी रही। चोल राजा विजयालय ने पांड्य राजा से 850 ई० में तंजौर दूसरी बार छीनकर इसे अपनी राजधानी बनाया था। उसने यहाँ चोल…

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मदुरई मीनाक्षी मंदिर के सुंदर दृश्य

मदुरई का इतिहास – मदुरई के दर्शनीय स्थल

मदुरई या मदुरै यह शहर भारत के तमिलनाडु राज्य में वैगान नदी के किनारे स्थित है। यह दो ओर से यन्नई मलाई (हाथी पहाड़ी) और नाग मलाई (नाग पहाड़ी) से घिरा हुआ है। यन्नई मलाई 8 किमी लंबी है और एक लेटे हुए हाथी जैसी लगती है। मदुरई मथुरा का ही तमिल रूप है। मदुरै से तात्पर्य है मधुर शहर, ऐसा माना जाता है कि…

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