Category: भारत के प्रमुख धार्मिक स्थल

गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी – गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब का इतिहास

गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब, यह गुरुद्वारा रूपनगर जिले के किरतपुर में स्थित है। यह सतलुज नदी के तट पर बनाया गया है और रेलवे लाईन के पार स्थित है और यह वह स्थान है जहां कई सिख अपने मृतकों की राख को...

दमदमा साहिब हरगोबिंदपुर का इतिहास इन हिन्दी – गुरुद्वारा दमदमा साहिब हरगोबिंदपुर हिस्ट्री

गुरुद्वारा दमदमा साहिब हरगोबिंदपुर, श्री हरगोबिंदपुर शहर में बटाला से 32 किमी और गुरदासपुर शहर से 40 किमी की दूरी पर स्थित है। इस शहर की स्थापना पांचवें सिख गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी ने 1587 में की थी और...

गुरुद्वारा कंध साहिब बटाला – गुरुद्वारा कंध साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी

बटाला शहर पठानकोट रेलवे लाईन से पंजाब के सरहदी जिला गुरदासपुर की तहसील है, तथा अमृतसर से 35 किमी की दूरी पर स्थित है। यह स्थान बहुत बड़ा दस्तकारी का केंद्र है पर इसको प्रसिद्धि गुरु नानक देव जी के कारण...

बाबा बकाला साहिब का इतिहास – गुरुद्वारा नौवीं पातशाही की जानकारी

बाबा बकाला साहिब अमृतसर जिले का प्रमुख स्थान है। छठें पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का विवाह इसी नगर में भाई हरिचन्द्र की सुपुत्री बीबी नानकी जी के साथ हुआ था। गुरु तेगबहादुर साहिब जी गुरु गद्दी पर विराजमान होने...

कालकाजी मंदिर दिल्ली का इतिहास तथा कालकाजी मंदिर खुलने का समय

कालकाजी मंदिर दिल्ली के सबसे व्यस्त हिंदू मंदिरों में से एक है, श्री कालकाजी मंदिर देवी काली को समर्पित है, जो माँ आदि शक्ति का दूसरा रूप है। इस मंदिर को जयंती पीठ या मनोकामना सिद्ध पीठ के रूप में भी...

गुरुद्वारा पिपली साहिब पुतलीघर अमृतसर का इतिहास इन हिन्दी – पिपली साहिब गुरुद्वारा

गुरुद्वारा पिपली साहिब अमृतसर रेलवे स्टेशन से छेहरटा जाने वाली सड़क पर चौक पुतलीघर से आबादी इस्लामाबाद वाले बाजार एवं सड़क पर स्थित है। यह गुरुद्वारा दो मंजिला बना है। वर्ष 1581 ई. में प्रिथीचंद को जब गुरूगददी न मिल सकी...

नाड़ा साहिब गुरूद्वारा पंचकूला हरियाणा चंडीगढ़

नाड़ा साहिब गुरूद्वारा चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से 5किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। नाड़ा साहिब गुरूद्वारा हरियाणा प्रदेश के पंचकूला जिले में झझर नदी के तट पर स्थापित है। गुरु गोविंद सिंह ने भंगाणी की तरफ जाते समय यहां पर कुछ...

सकराय माता मंदिर या शाकंभरी माता मंदिर सीकर राजस्थान हिस्ट्री इन हिंदी

राजस्थान के सीकर जिले में सीकर के पास सकराय माता जी का स्थान राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। मालकेत नामक पर्वतमाला यहां आकर मंडलाकार हो गई है। जिसके बीच बडे बडे आम के पेडों की शीतल छाया है...

बिहार शरीफ दरगाह – बिहार शरीफ बड़ी दरगाह का मेला – बड़ी दरगाह

दिल्ली हजरत निजामुद्दीन, बदायूँ, अजमेर शरीफ, देवा शरीफ और जौनपुर की भांति बिहार राज्य के नालंदा जिले का बिहार शरीफ नगर भी उत्तर पूर्व भारत के ख्याति प्राप्त स्थलों में से है। जहाँ बड़ी संख्या में सूफी संतों की दरगाहें और खा़नका़हे मौजूद...

दिल्ली के जैन मंदिर – श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर, नया मंदिर, बड़ा मंदिर दिल्ली

दिल्ली भारत की राजधानी है। भारत का राजनीतिक केंद्र होने के साथ साथ समाजिक, आर्थिक व धार्मिक रूप से इसका बहुत बड़ा महत्व रहा। प्राचीन समय से यहां अनेक धर्म, संप्रदाय, प्रदेश व जाति के लोग रहते है। जिसके परिणामस्वरूप यहा...

देवगढ़ का इतिहास – दशावतार मंदिर, जैन मंदिर, किला कि जानकारी हिन्दी में

देवगढ़ उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में बेतवा नदी के किनारे स्थित है। यह ललितपुर से दक्षिण पश्चिम में 31 किलोमीटर की दूरी पर है। वहां तक पक्की सड़क जाती है। प्रतिदिन बसे जाती है। ललितपुर से देवगढ़ जाने का मार्ग इस...

अहिच्छत्र जैन मंदिर – जैन तीर्थ अहिच्छत्र का इतिहास

अहिच्छत्र उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की आंवला तहसील में स्थित है। आंवला स्टेशन से अहिच्छत्र क्षेत्र सडक मार्ग द्वारा 18 किमी है। अहिच्छत्र क्या है? अहिच्छत्र स्थान एक प्रसिद्ध जैन तीर्थ है। यह क्षेत्र जैन मान्यता के अनुसार एक कल्याणक और...

कम्पिल का इतिहास – कंपिल का मंदिर – कम्पिल फेयर इन उत्तर प्रदेश

कम्पिला या कम्पिल उत्तर प्रदेश के फरूखाबाद जिले की कायमगंज तहसील में एक छोटा सा गांव है। यह उत्तर रेलवे की अछनेरा – कानपुर शाखा के कायमगंज स्टेशन से 8 किमी दूर है। स्टेशन से गांव तक पक्की सड़क है। बस, तांगे,...

मरसलगंज प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर आतिशय क्षेत्र तीर्थ

श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र मरसलगंज (ऋषभनगर) उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में फिरोजाबाद से 22 किलोमीटर दूर है। यहां अब जैनों का कोई घर नहीं है। किन्तु इसके पास ही फरिहा नामक एक कस्बा है। जहाँ जैनों के घर है। कहा...

आगरा जैन मंदिर – आगरा के टॉप 3 जैन मंदिर की जानकारी इन हिन्दी

आगरा एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक शहर है। मुख्य रूप से यह दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल के लिए जाना जाता है। आगरा धर्म का भी आतिशय क्षेत्र रहा है। मुगलकाल से पूर्व और मुगलकाल में भी यहां जैनों का प्रभाव रहा है। अकबर के...