Category: भारत के प्रमुख त्यौहार

बैसाखी का पर्व किस दिन मनाया जाता है – बैसाखी का त्योहार क्यों मनाया जाता है

बैसाखी सिक्ख धर्म का बहुत ही प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की नींव डाली थी। गुरु गोविंद सिंह सिक्‍ख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु थे इसलिए उन्हें “दशमेश” भी कहा जाता है।...

बकरीद क्यों मनाया जाता है – ईदुलजुहा का इतिहास की जानकारी इन हिन्दी

बकरीद या ईद-उल-अजहा ( ईदुलजुहा) ईदुलफितर के दो महीने दस दिन बाद आती है। यह ईद चूंकि महीने की दस तारीख को मनायी जाती है, इसलिए इसका निर्णय दस दिन पूर्व ही चांद देख कर होता है। यह भी कभी गर्मी...

ईद उल फितर क्यों मनाया जाता है – ईद किस महिने के अंत में मनाई जाती है

ईद-उल-फितर या मीठी ईद मुसलमानों का सबसे बड़ा पर्व है। असल में यह रमजान के महीने के समाप्त होने की खुशी में मनाया जाता है। मुस्लिम महीने चांद के कैलेंडर से चलते हैं, इस कारण से मुस्लिम त्योहार अलग-अलग मौसमों में आते...

ईद मिलादुन्नबी कब मनाया जाता है – बारह वफात क्यों मनाते है और कैसे मनाते है

ईद मिलादुन्नबी मुस्लिम समुदाय का प्रसिद्ध और मुख्य त्यौहार है। भारत के साथ साथ यह पूरे विश्व के मुस्लिम समुदाय में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस्लाम के संदेशवाहक हजरत मुहम्मद का जन्म रबी अववल की 2 तारीख को 571 ई....

फूलवालों की सैर त्यौहार कब मनाया जाता है – फूलवालों की सैर का इतिहास हिन्दी में

अगर भारत की मिली जुली गंगा-जमुना सभ्यता, हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे के आपसी मेलजोल को किसी त्योहार के रूप में देखना हो तो दिल्ली के मेले “फूलवालों की सैर” का नाम बिना संकोच के लिया जा सकता है। भारत के अधिकतर पर्व धर्म से...

नौरोज़ त्यौहार का मेला – नवरोज त्योहार किस धर्म का है तथा मेला

नौरोज़ फारसी में नए दिन अर्थात्‌ नए साल की शुरुआत को कहते हैं। ईरान, मध्य-एशिया, कश्मीर, गुजरात और महाराष्ट्र के उन क्षेत्रों में जहां पारसी धर्म के अनुयायी रहते हैं, यह त्यौहार मार्च को मनाया जाता है। इस नवरोज त्यौहार या...

हजरत निजामुद्दीन दरगाह – हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह का उर्स

भारत शुरू ही से सूफी, संतों, ऋषियों और दरवेशों का देश रहा है। इन साधु संतों ने धर्म के कट्टरपन से हट कर मानवता और भाईचारे और हर संप्रदाय को एक दूसरे के साथ अमन से जिंदा रहने का प्रचार किया।...

बिहू किस राज्य का त्यौहार है – बिहू किस फसल के आने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है

बिहू भारत के असम राज्य का सबसे बड़ा पर्व है। असल में यह तीन त्योहारों का मेल है जो अलग-अलग दिनों में आते हैं। ‘बुहाग बिहू’ अप्रैल के बीच में आती है, ‘माघ बिहू” जनवरी के मध्य में और “कटी बिहू” अक्टूबर...

गणगौर व्रत कथा – गणगौर क्यों मनाई जाती है तथा गणगौर व्रत विधि

गणगौर का व्रत चैत्र शुक्ला तृतीया को रखा जाता है। यह हिंदू स्त्री मात्र का त्यौहार है। भिन्‍न-भिन्‍न प्रदेशों की प्रथा एव भिन्‍न भिन्‍न कुल परम्परा के भेद से पूजन के तरीको में थोडा-बहुत अंतर हो सकता है। परन्तु इसकी धारणाओ...

मुहर्रम क्या है और क्यो मनाते है – कर्बला की लड़ाई – मुहर्रम के ताजिया

मुहर्रम मुस्लिम समुदाय का एक प्रमुख त्यौहार है। जो बड़ी धूमधाम से हर देश हर शहर के मुसलमान बड़ी श्रृद्धा भाव के साथ मनाते है। भारत में भी यह उसी श्रृद्धा भाव के साथ मनाया जाता है अपने इस लेख में हम...

तेजाजी की कथा – प्रसिद्ध वीर तेजाजी परबतसर पशु मेला

भारत में आज भी लोक देवताओं और लोक तीर्थों का बहुत बड़ा महत्व है। एक बड़ी संख्या में लोग अपने अपने क्षेत्र, राज्य, कुल, समाज, श्रृद्धा अनुसार अपने अपने लोक देवताओं और उनके तीर्थों को मानते है। तथा उनकी स्मृति में...

दुर्गा पूजा पर निबंध – दुर्गा पूजा त्योहार के बारें में जानकारी हिन्दी में

दुर्गा पूजा भारत का एक प्रमुख त्योहार है। जो भारत के राज्य पश्चिम बंगाल का मुख्य त्योहार होने के साथ साथ भारत के अन्य राज्यों में बडी धूम धाम से मनाया जाता है। यह त्योहार हिन्दू देवी माँ दुर्गा को समर्पित...

लोहड़ी का इतिहास, लोहड़ी फेस्टिवल इनफार्मेशन इन हिन्दी

भारत में अन्य त्योहारों की तरह, लोहड़ी भी किसानों की कृषि गतिविधियों से संबंधित है। यह पंजाब में कटाई के मौसम और सर्दियों के मौसम के अंत का प्रतीक है। पंजाब के साथ साथ यह पंजाब राज्य के सीमावर्ती राज्यों हरियाणा,...

अष्टमी रोहिणी केरल का प्रमुख त्यौहार की जानकारी हिन्दी में

अष्टमी रोहिणी केरल राज्य में ही नही बल्कि पूरे भारत मे एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार भगवान कृष्ण के जन्मदिन का उत्सव है। यह क्षेत्रीय विविधताओं के साथ उत्तर भारत में कृष्णा जन्माष्टमी कहते है। केरल मे इसे अष्टमी रोहिणी...

मंडला पूजा उत्सव केरल फेस्टिवल की जानकारी हिन्दी में

मंडला पूजा उत्सव केरल के त्योहारों मे एक प्रसिद्ध धार्मिक अनुष्ठान फेस्टिवल है। मंडला पूजा समारोह मलयालम महीने के वृश्चिक (नवंबर-दिसंबर) के पहले दिन से 41 दिनों की अवधि के लिए जारी रहता है और धनु (दिसंबर-जनवरी) के ग्यारहवें दिन समाप्त...