Category: भारत के पर्यटन स्थल

उरई का किला किसने बनवाया – माहिल तालाब का इतिहास इन हिन्दी

उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद मे स्थित उरई नगर अति प्राचीन, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व का स्थल है। यह झाँसी कानपुर मार्ग पर स्थित है। कानपुर से यह 109 किलोमीटर की दूरी पर और झाँसी से 114 किलोमीटर की दूरी पर स्थित...

एरच का किला किसने बनवाया था – एरच के किले का इतिहास हिन्दी में

उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में एरच एक छोटा सा कस्बा है। जो बेतवा नदी के तट पर बसा है, या स्थल झाँसी से 46 मील उत्तर पूर्व और गरौठा से 22 मील दूर है। यह स्थल गरौठा से पुन्छ मार्ग पर...

चिरगाँव का किला किसने बनवाया – चिरगांव किले का इतिहास का इतिहास

चिरगाँव झाँसी जनपद का एक छोटा से कस्बा है। यह झाँसी से 48 मील दूर तथा मोड से 44 मील दूर झाँसी कानपुर मार्ग पर स्थित है। इसी चिरगाँव में यह किला स्थित है, जिसे चिरगांव का किला कहा जाता है।  ...

गढ़कुंडार का किला का इतिहास – गढ़कुंडार का किला किसने बनवाया

गढ़कुण्डार का किला मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गढ़कुंडार नामक एक छोटे से गांव मे स्थित है। गढ़कुंडार का किला बीच जंगल में काले पत्थरों से निर्मित है। तथा किला एक पहाडी पर है यह किला बहुत सुदृढ़ है और एक चौकोर...

बरूआ सागर का किला – बरूआसागर झील का निर्माण किसने और कब करवाया

बरूआ सागर झाँसी जनपद का एक छोटा से कस्बा है। यह मानिकपुर झांसी मार्ग पर है। तथा दक्षिण पूर्व दिशा पर स्थित हैं। झांसी से बरूआसागर की दूरी 19 किलोमीटर है। बरूआ सागर रेलवे स्टेशन से बरूआ सागर का किला दो मील...

मनियागढ़ का किला – मनियागढ़ का किला किसने बनवाया था तथा कहाँ है

मनियागढ़ का किला मध्यप्रदेश के छतरपुर जनपद मे स्थित है। सामरिक दृष्टि से इस दुर्ग का विशेष महत्व है। सुप्रसिद्ध ग्रन्थ आल्हाखण्ड में मनियागढ़ किले का विस्तृत वर्णन मिलता है। मनियागढ़ दुर्ग चन्देल कालीन है। और केन नदी के तट पर एक...

मंगलगढ़ का किला किसने बनवाया था – मंगलगढ़ का इतिहास हिन्दी में

मंगलगढ़ का किला चरखारी के एक पहाड़ी पर बना हुआ है। तथा इसके के आसपास अनेक ऐतिहासिक इमारते है। यह हमीरपुर से 106 किलोमीटर दूर और महोबा से लगभग 20 किलोमीटर दूर है। यह स्थान मध्यप्रदेश राज्य के अंतर्गत आता है। मंगलगढ़...

जैतपुर का किला या बेलाताल का किला या बेलासागर झील हिस्ट्री इन हिन्दी,

जैतपुर का किला उत्तर प्रदेश के महोबा हरपालपुर मार्ग पर कुलपहाड से 11 किलोमीटर दूर तथा महोबा से 32 किलोमीटर दूर और हमीरपुर से 117 किलोमीटर दूर है। यहाँ झाँसी मानिकपुर मार्ग पर एक रेलवे स्टेशन भी है। जिसे बेलाताल के नाम...

सिरसागढ़ का किला – बहादुर मलखान सिंह का किला व इतिहास हिन्दी में

सिरसागढ़ का किला कहाँ है? सिरसागढ़ का किला महोबा राठ मार्ग पर उरई के पास स्थित है। तथा किसी युग में यह दुर्ग चन्देल शासकों के अधिकार में था। किन्तु जब पृथ्वीराज चौहान ने महोबा क्षेत्र पर विजय प्राप्त कर ली उस...

महोबा का किला – महोबा दुर्ग का इतिहास – आल्हा उदल का महल

महोबा का किला महोबा जनपद में एक सुप्रसिद्ध दुर्ग है। यह दुर्ग चन्देल कालीन है इस दुर्ग में कई अभिलेख भी उपलब्ध होते है। इन अभिलेखो में चन्देलवशांवली नन्‍नुक देव से लेकर परमार्दिदेव तक की उपलब्धि होती है। अभी तक यह सुनिश्चित...

कल्याणगढ़ का किला मानिकपुर चित्रकूट उत्तर प्रदेश, कल्याणगढ़ दुर्ग का इतिहास

कल्याणगढ़ का किला, बुंदेलखंड में अनगिनत ऐसे ऐतिहासिक स्थल है। जिन्हें सहेजकर उन्हें पर्यटन की मुख्य धारा से जोडा जा सकता है। चाहे गुप्तकाल हो, चंदेलकाल हो या फिर मुगलकाल सभी से जुडे हुए ऐतिहासिक स्थल इस इलाके में मौजूद है।...

भूरागढ़ का किला – भूरागढ़ दुर्ग का इतिहास – भूरागढ़ जहां लगता है आशिकों का मेला

भूरागढ़ का किला बांदा शहर के केन नदी के तट पर स्थित है। पहले यह किला महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्थल था। वर्तमान समय में इसका विध्वंश हो चुका है। महाराजा छत्रसाल के शासनकाल से लेकर 1857 की क्रान्ति तक इस दुर्ग का ऐतिहासिक...

रनगढ़ दुर्ग – रनगढ़ का किला या जल दुर्ग या जलीय दुर्ग के गुप्त मार्ग

रनगढ़ दुर्ग ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रतीत होता है। यद्यपि किसी भी ऐतिहासिक ग्रन्थ में इस दुर्ग के सन्दर्भ में यह उल्लेख प्राप्त नही होता कि रनगढ़ दुर्ग का निर्माता कौन था। तथा किस शासन काल में इस...

खत्री पहाड़ विंध्यवासिनी देवी मंदिर तथा शेरपुर सेवड़ा दुर्ग व इतिहास

उत्तर प्रदेश राज्य के बांदा जिले में शेरपुर सेवड़ा नामक एक गांव है। यह गांव खत्री पहाड़ के नाम से विख्यात है। जहां विंध्यवासिनी देवी का मंदिर है। इसके अलावा शेरपुर सेवडा में एक प्राचीन दुर्ग भी है। इसका महत्व अति प्राचीनकाल...

मड़फा दुर्ग के रहस्य – जहां तानसेन और बीरबल ने निवास किया था

मड़फा दुर्ग भी एक चन्देल कालीन किला है यह दुर्ग चित्रकूट के समीप चित्रकूट से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। भरतकूप मार्ग पर बरिया मानपुर के समीप दुर्ग एक पहाड़ी पर है। चन्देल शासन काल में इस दुर्ग का महत्वपूर्ण...