लेहड़ा देवी मंदिर कहां है – लेहड़ा देवी का मेला कब लगता है

लेहड़ा देवी मंदिर

उत्तर प्रदेश राज्य में एक प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर जिसे लेहड़ा देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है और इसकी प्रसिद्धि दूर दूर तक फैली हुई है। इस लेहड़ा देवी मंदिर पर लेहड़ा देवी का मेला भी लगता है। इस प्रवित्र वह मनोकामना पूर्ण स्थान के बारे में जानने से पहले हमें यह जानना जरूरी है कि लेहड़ा देवी मंदिर कहां है। लेहड़ा देवी का यह प्रसिद्ध धाम उत्तर प्रदेश राज्य के महाराजगंज जिले के फरेंदा नगर से 8 किलोमीटर की दूरी पर अरदौना गांव के जंगल में स्थित है। गोरखपुर से लेहड़ा देवी मंदिर की दूरी लगभग 54 किलोमीटर है। महाराजगंज जिला मुख्यालय से लेहड़ा माता मंदिर की दूरी 38 किलोमीटर, बस्ती से 70 किलोमीटर और कुशीनगर से 101 किलोमीटर है। यह स्थान नेपाल की सीमा से भी नजदीक पडता है। इसलिए उपयुक्त संख्या में नेपाली भक्त भी मनौती मांगने यहां आते रहते हैं।

 

 

लेहड़ा देवी मंदिर का महत्व

 

 

लेहड़ा देवी मंदिर का महत्व धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है। कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडवों ने इस क्षेत्र कुछ समय अज्ञातवास किया था। प्रचलित दंतकथा के अनुसार प्राचीन काल में यह स्थान आर्द्र वन के घने जंगलों के घिरा हुआ था। इन घने जंगलों में पवह नाम की नदी गुजरती थी। इसी नदी के तट पर अर्जुन ने वन देवी की पूजा की थी। अर्जुन की पूजा से प्रसन्न होकर वन देवी मां भगवती ने अर्जुन को अनेक शक्तियां प्रदान की थी। प्रचलित दंतकथा के अनुसार बाद में अर्जुन ने यहां माता वन देवी मंदिर की स्थापना की।

 

लेहड़ा देवी मंदिर
लेहड़ा देवी मंदिर

 

एक अन्य दंतकथा के अनुसार पवह नदी पर एक सुंदर किशोरी आई। वह मां भगवती की परम भक्त थीं। किशोरी ने नाविक से नदी पार करने का आग्रह किया। किशोरी की सुंदरता पर मोहित होकर नाविक ने उससे अभद्र व्यवहार किया। किशोरी ने मन ही मन रक्षा के लिए मां को पुकारा। किशोरी की रक्षा के लिए मां भगवती किशोरी पर प्रकट हुई। और क्रोधित होकर नाव और नाविक सहित उसी पवह नदी में समाधि ले ली। उसी नदी के तट पर यह मंदिर बना है, यह नदी आज भी यहां से बहती है। प्राचीन समय में यह मंदिर अरदौना देवी स्थान के नाम से प्रसिद्ध था। लेकिन बाद में इस मंदिर का नाम लेहड़ा देवी मंदिर रख दिया गया।

 

 

लेहड़ा देवी का मेला

 

नवरात्रों में लेहड़ा देवी का मेला लगता है। मेला बड़ा ही भव्य लगता है, हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आते है। लेहड़ा देवी मां के बारे में कहा जाता है कि यहां जो कोई भी सच्चे मन से मनौती मांगता है मां उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करती है। मंदिर के अहाते से बहार बहुत दूर दूर तक दुकानें सजी होती है। विभिन्न प्रकार के मनोरंजन के साधन झूले आदि होते हैं। इसके अलावा चाट पकौड़ी स्नैक्स आदि की भी दुकानें होती है। प्रशासन की और से सुरक्षा व्यवस्था का भी पूरा इंतजाम होता है।

 

 

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