रसिन का किला प्राकृतिक सुंदरता के बीच बिखरे इतिहास के अनमोल मोती

रसिन का किला उत्तर प्रदेश के बांदा जिले मे अतर्रा तहसील के रसिन गांव में स्थित है। यह जिला मुख्यालय बांदा से 48 किलोमीटर की दूरी पर है। तथा बांदा कर्बी मार्ग पर यह रसिन फोर्ट बदौसा के निकट कल्याणपुर मार्ग पर स्थित है। चंदेलों के युग में यहां एक बड़ा नगर था क्योंकि यहां पर अनेक भवनों के भग्नावशेष मिलते तथा अनेक तालाब भी यहां थे। ऐसा कहा जाता है कि रसिन कभी राजवंशियों की आवास भूमि थी। जो मौलिक रूप से चंदेल थे। रसिन का पुराना नाम राजवंशीय था। यहां के मूल निवासियों का कहना है कि रघुवंशी राजपूत, बुंदेलों के शासनकाल में यहां के जागीरदार थे। जो प्रशासनिक दृष्टि से पूर्ण रूप से स्वतंत्र थे।

 

 

रसिन किले के दर्शन

 

 

रसिन गांव में एक प्राचीन किले के खंड़हर मिलते है। इसे ही रसिन का किला कहा जाता है। इस किले का निर्माण ईंट और पत्थरों से हुआ था। प्राचीनकाल में प्रशासनिक दृष्टि से यह महत्वपूर्ण स्थल था। इसके पश्चिमोत्तर किनारे पर चंदेलकालीन मंदिर के अवशेष मिलते है। तथा उसी के समीप चंदेलकालीन कूप भी है।

 

 

पूरब की तरफ एक पहाड़ी है। जिस पर चढ़ने का रास्ता गांव के उत्तर पूर्व से है। यहाँ पर चौकोर पत्थर में एक स्मारक बना हुआ है। जिसे बालन बाबा का स्मारक कहते है। इनका अस्तित्व 1889 के लगभग था।

 

 

रसिन का किला
रसिन का किला

 

इसी पहाड़ी के ऊपर एक छोटा सा सरोवर मिलता है। तथा इसी के समीप एक छोटा सा गांव था। तथा इसी पश्चिमी सिरे में चंदेल कालीन रसिन का किला था। तथा पहाडी पर चढने के बाद किले में प्रवेश करने के लिए दूसरा द्वार मिलता है। यही से 200 मीटर की दूरी पर एक तालाब मिलता है। यह तालाब चट्टान काटकर बनाया गया है। तथा इसी तालाब के समीप चन्दा महेश्वरी का एक मंदिर मिलता है। जिसमें विक्रमी संवत्  1466 का एक अभिलेख भी है। इसके चारों ओर उबड खाबड मैदान है। और पूर्व की ओर ढालान है। यही पर एक सूखा कुआँ भी है। तथा दुर्ग द्वार के अवशेष भी है।

 

 

रसिन गांव मे ही थोड़ी दूर एक पहाड़ी पर रतन अहील का एक स्मारक है। रतन अहील इस पहाड़ी पर चढकर प्रतिदिन यमुना नदी के दर्शन किया करता था। यहा के रघुवंशी राजा को रतन अहील पर यह संदेह हुआ कि वह पहाड़ी पर चढकर उसके महल की औरतों को देखता है। इससे क्रोधित राजा ने उस रतन अहील को उसी पहाड़ी से नीचे फेकवा दिया।  रतन अहील निर्दोष था अतः उसके निधन का दुख गांव वालों को हुआ, और गांव वालो ने उसकी याद में उसी पहाड़ी पर उसका स्मारक बना दिया।

 

 

मुगल शासन काल में प्रशासनिक दृष्टि से रसिन के किले का महत्वपूर्ण स्थान था। और इसे परगना का दर्जा मिला हुआ था। इसी क्षेत्र पर बुंदेल सैनिकों का युद्ध मुगलों से हुआ था। सन् 1781 में रघुवंशी राजपूत, राजा घुमान सिंह के नियंत्रण में और उनके शासन में यहां के जागीरदार थे। बाद में यह गांव और रसिन का किला उजाड़ हो गया। रसिन के दुर्ग के नीचे ताल नाम का एक सरोवर है। इसी से लगा हुआ चंदेलकालीन देवी मंदिर है। हालांकि इस किले के वर्तमान में भग्नावशेष व खंड़हर ही शेष है किंतु आज भी यह अपने गौरवमय इतिहास के साथ तथा बुंदेलखंड के किलो महत्वपूर्ण स्थान रखता है। हालांकि यहां देखने को कुछ खास नहीं मिलता लेकिन यहां बिखरे पड़े भग्नावशेष व चारों फैली प्राकृतिक छटा इतिहास में रूची रखने वाले पर्यटकों को खूब आकर्षित करती है।

 

 

हमारे यह लेख भी जरूर पढ़े:—-

 

भारत की राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन तथा हजरत निजामुद्दीन दरगाह के करीब मथुरा रोड़ के निकट हुमायूँ का मकबरा स्थित है। यह Read more
कुतुबमीनार के सुंदर दृश्य
पिछली पोस्ट में हमने हुमायूँ के मकबरे की सैर की थी। आज हम एशिया की सबसे ऊंची मीनार की सैर करेंगे। जो Read more
भारत की राजधानी के नेहरू प्लेस के पास स्थित एक बहाई उपासना स्थल है। यह उपासना स्थल हिन्दू मुस्लिम सिख Read more
पिछली पोस्ट में हमने दिल्ली के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कमल मंदिर के बारे में जाना और उसकी सैर की थी। इस पोस्ट Read more
प्रिय पाठकों पिछली पोस्ट में हमने दिल्ली के प्रसिद्ध स्थल स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के बारे में जाना और उसकी सैर Read more
प्रिय पाठकों पिछली पोस्ट में हमने हेदराबाद के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल व स्मारक के बारे में विस्तार से जाना और Read more
प्रिय पाठकों पिछली पोस्ट में हमने जयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हवा महल की सैर की थी और उसके बारे Read more
प्रिय पाठको जैसा कि आप सभी जानते है। कि हम भारत के राजस्थान राज्य के प्रसिद् शहर व गुलाबी नगरी Read more
पिछली पोस्टो मे हमने अपने जयपुर टूर के अंतर्गत जल महल की सैर की थी। और उसके बारे में विस्तार Read more
प्रिय पाठको अपनी पिछली अनेक पोस्टो में हमने महाराष्ट्र राज्य के अनेक पर्यटन स्थलो की जानकारी अपने पाठको को दी। Read more
ताजमहल का इतिहास
प्रिय पाठको अपनी इस पोस्ट में हम भारत के राज्य उत्तर प्रदेश के एक ऐसे शहर की यात्रा करेगें जिसको Read more
शेखचिल्ली यह नाम सुनते ही आपके दिमाग में एक हास्य कलाकार की तस्वीर और उसके गुदगुदाते चुटकुलो की कल्पना करके Read more
प्रिय पाठको अपने इस लेख में आज हम आपको एक ऐसी रोचक जानकारी देने जा जिसके बारे में बहुत कम Read more
India gate history in hindi
इंडिया गेट भारत की राजधानी शहर, नई दिल्ली के केंद्र में स्थित है।( india gate history in Hindi )  राष्ट्रपति Read more
कोणार्क सूर्य मंदिर के सुंदर दृश्य
कोणार्क' दो शब्द 'कोना' और 'अर्का' का संयोजन है। 'कोना' का अर्थ है 'कॉर्नर' और 'अर्का' का मतलब 'सूर्य' है, Read more
राजगढ़ का किला के सुंदर दृश्य
पुणे से 54 किमी की दूरी पर राजगढ़ का किला महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित एक प्राचीन पहाड़ी किला Read more
ओरछा दर्शनीय स्थल के सुंदर दृश्य
शक्तिशाली बुंदेला राजपूत राजाओं की राजधानी ओरछा शहर के हर हिस्से में लगभग इतिहास का जादू फैला हुआ है। ओरछा Read more
कुम्भलगढ़ का इतिहास
राजा राणा कुम्भा के शासन के तहत, मेवाड का राज्य रणथंभौर से ग्वालियर तक फैला था। इस विशाल साम्राज्य में Read more
बीजापुर पर्यटन स्थलों के सुंदर दृश्य
बीजापुर कर्नाटक राज्य का एक प्रमुख शहर है। बीजापुर अपने मध्ययुगीन स्मारकों के लिए जाना जाता है, जो इस्लामी वास्तुकला Read more
गुलबर्गा पर्यटन स्थलों के सुंदर दृश्य
गुलबर्गा कर्नाटक का एक प्रमुख शहर है. यह गुलबर्गा जिले का प्रशासनिक मुख्यालय और उत्तर कर्नाटक क्षेत्र का एक प्रमुख Read more
हम्पी की ऐतिहासिक धरोहरों के सुंदर दृश्य
हुबली से 160 किमी, बैंगलोर से 340 किमी और हैदराबाद से 377 किमी दूर, हम्पी उत्तरी कर्नाटक के तुंगभद्र नदी Read more
बादामी के पर्यटन स्थलों के सुंदर दृश्य
बागलकोट से 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बादामी, जिसे वाटापी भी कहा जाता है, कर्नाटक के बागलकोट जिले में Read more
एहोल के दर्शनीय स्थलों के सुंदर दृश्य
बागलकोट से 33 किमी, बादामी से 34 किमी और पट्टाडकल से 13.5 किलोमीटर दूर, एहोल, मलप्रभा नदी के तट पर Read more
पट्टदकल स्मारक परिसरों के सुंदर दृश्य
बागलकोट से 45 किलोमीटर, बादामी से 21 किमी और एहोल से 13.5 किलोमीटर दूर, पट्टदकल, मालप्रभा नदी के तट पर Read more
बीदर के दर्शनीय स्थलों के सुंदर दृश्य
हैदराबाद से 140 किमी दूर, बीदर कर्नाटक के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित एक शहर और जिला मुख्यालय है। बिदर हेदराबाद Read more
बेलूर दर्शनीय स्थलों के सुंदर दृश्य
चिकमंगलूर से 25 किमी की दूरी पर, और हसन से 40 किमी की दूरी पर, बेलूर कर्नाटक राज्य के हसन Read more
फतेहपुर सीकरी के सुंदर दृश्य
विश्व धरोहर स्थलों में से एक, फतेहपुर सीकरी भारत में सबसे अधिक देखे जाने वाले स्थानों में से एक है। Read more
नालंदा विश्वविद्यालय के सुंदर फोटो
बिहार राज्य की राजधानी पटना से 88 किमी तथा बिहार के प्रमुख तीर्थ स्थान राजगीर से 13 किमी की दूरी Read more
देवगढ़ के सुंदर दृश्य
देवगढ़ उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में बेतवा नदी के किनारे स्थित है। यह ललितपुर से दक्षिण पश्चिम में 31 किलोमीटर Read more
कालिंजर का किला
कालिंजर का किला या कालिंजर दुर्ग कहा स्थित है?:--- यह दुर्ग बांदा जिला उत्तर प्रदेश मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर बांदा-सतना Read more
भठिंडा का किला या किला मुबारक
पंजाब में भठिंडा आज एक संपन्न आधुनिक शहर है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस शहर का एक खूबसूरत इतिहास Read more
शाहपुर कंडी किला
शाहपुर कंडी किला शानदार ढंग से पठानकोट की परंपरा, विरासत और इतिहास को प्रदर्शित करता है। विशाल किले को बेहतरीन कारीगरी Read more
अजयगढ़ का किला
अजयगढ़ का किला महोबा के दक्षिण पूर्व में कालिंजर के दक्षिण पश्चिम में और खुजराहों के उत्तर पूर्व में मध्यप्रदेश Read more
मड़फा दुर्ग
मड़फा दुर्ग भी एक चन्देल कालीन किला है यह दुर्ग चित्रकूट के समीप चित्रकूट से 30 किलोमीटर की दूरी पर Read more
खत्री पहाड़ का दुर्ग व मंदिर
उत्तर प्रदेश राज्य के बांदा जिले में शेरपुर सेवड़ा नामक एक गांव है। यह गांव खत्री पहाड़ के नाम से विख्यात Read more
रनगढ़ दुर्ग या जल दुर्ग
रनगढ़ दुर्ग ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रतीत होता है। यद्यपि किसी भी ऐतिहासिक ग्रन्थ में इस दुर्ग Read more
भूरागढ़ का किला
भूरागढ़ का किला बांदा शहर के केन नदी के तट पर स्थित है। पहले यह किला महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्थल था। वर्तमान Read more
कल्याणगढ़ का किला मंदिर व बावली
कल्याणगढ़ का किला, बुंदेलखंड में अनगिनत ऐसे ऐतिहासिक स्थल है। जिन्हें सहेजकर उन्हें पर्यटन की मुख्य धारा से जोडा जा Read more
महोबा का किला
महोबा का किला महोबा जनपद में एक सुप्रसिद्ध दुर्ग है। यह दुर्ग चन्देल कालीन है इस दुर्ग में कई अभिलेख भी Read more
सिरसागढ़ का किला
सिरसागढ़ का किला कहाँ है? सिरसागढ़ का किला महोबा राठ मार्ग पर उरई के पास स्थित है। तथा किसी युग में Read more
जैतपुर का किला या बेलाताल का किला
जैतपुर का किला उत्तर प्रदेश के महोबा हरपालपुर मार्ग पर कुलपहाड से 11 किलोमीटर दूर तथा महोबा से 32 किलोमीटर दूर Read more
मंगलगढ़ का किला
मंगलगढ़ का किला चरखारी के एक पहाड़ी पर बना हुआ है। तथा इसके के आसपास अनेक ऐतिहासिक इमारते है। यह हमीरपुर Read more
मनियागढ़ का किला
मनियागढ़ का किला मध्यप्रदेश के छतरपुर जनपद मे स्थित है। सामरिक दृष्टि से इस दुर्ग का विशेष महत्व है। सुप्रसिद्ध ग्रन्थ Read more
बरूआ सागर का किला
बरूआ सागर झाँसी जनपद का एक छोटा से कस्बा है। यह मानिकपुर झांसी मार्ग पर है। तथा दक्षिण पूर्व दिशा पर Read more
गढ़कुंडार का किला
गढ़कुण्डार का किला मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गढ़कुंडार नामक एक छोटे से गांव मे स्थित है। गढ़कुंडार का किला बीच Read more
चिरगाँव का किला
चिरगाँव झाँसी जनपद का एक छोटा से कस्बा है। यह झाँसी से 48 मील दूर तथा मोड से 44 मील Read more
एरच का किला
उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में एरच एक छोटा सा कस्बा है। जो बेतवा नदी के तट पर बसा है, या Read more
उरई का किला और माहिल तालाब
उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद मे स्थित उरई नगर अति प्राचीन, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व का स्थल है। यह झाँसी कानपुर Read more
कालपी का किला
कालपी का किला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अति प्राचीन स्थल है। यह झाँसी कानपुर मार्ग पर स्थित है उरई Read more
दतिया महल या दतिया का किला
दतिया जनपद मध्य प्रदेश का एक सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक जिला है इसकी सीमाए उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद से मिलती है। यहां Read more
बड़ौनी का किला
बड़ौनी का किला,यह स्थान छोटी बड़ौनी के नाम जाना जाता है जो दतिया से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है। Read more
ग्वालियर का किला
ग्वालियर का किला उत्तर प्रदेश के ग्वालियर में स्थित है। इस किले का अस्तित्व गुप्त साम्राज्य में भी था। दुर्ग Read more
चंदेरी का किला
भारत के मध्य प्रदेश राज्य के अशोकनगर जिले के चंदेरी में स्थित चंदेरी का किला शिवपुरी से 127 किमी और ललितपुर Read more
छतरपुर का किला
छतरपुर का किला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में अठारहवीं शताब्दी का किला है। यह किला पहाड़ी की चोटी पर Read more
सिंगौरगढ़ का किला
मध्य भारत में मध्य प्रदेश राज्य के दमोह जिले में सिंगौरगढ़ का किला स्थित हैं, यह किला गढ़ा साम्राज्य का Read more
पन्ना के दर्शनीय स्थल
पन्ना का किला भी भारतीय मध्यकालीन किलों की श्रेणी में आता है। महाराजा छत्रसाल ने विक्रमी संवत् 1738 में पन्‍ना Read more
राजनगर का किला
राजनगर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खुजराहों के विश्व धरोहर स्थल से केवल 3 किमी उत्तर में एक छोटा सा Read more
बटियागढ़ का किला
बटियागढ़ का किला तुर्कों के युग में महत्वपूर्ण स्थान रखता था। यह किला छतरपुर से दमोह और जबलपुर जाने वाले मार्ग Read more
बिजावर का किला
बिजावर भारत के मध्यप्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में स्थित एक गांव है। यह गांव एक ऐतिहासिक गांव है। बिजावर का Read more
धमौनी का किला
विशाल धमौनी का किला मध्य प्रदेश के सागर जिले में स्थित है। यह 52 गढ़ों में से 29वां था। इस क्षेत्र Read more
पथरीगढ़ का किला
पथरीगढ़ का किला चन्देलकालीन दुर्ग है यह दुर्ग फतहगंज से कुछ दूरी पर सतना जनपद में स्थित है इस दुर्ग के Read more
कुलपहाड़ का किला
कुलपहाड़ भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के महोबा ज़िले में स्थित एक शहर है। यह बुंदेलखंड क्षेत्र का एक ऐतिहासिक Read more
तालबहेट का किला
तालबहेट का किला ललितपुर जनपद मे है। यह स्थान झाँसी - सागर मार्ग पर स्थित है तथा झांसी से 34 मील Read more