मच्छी भवन लखनऊ का अभेद्य किला और 1857 गदर का गवाह

लक्ष्मण टीले के करीब ही एक ऊँचे टीले पर शेख अब्दुर्रहीम ने एक किला बनवाया। शेखों का यह किला आस-पास मौजूद अन्य इमारतों की अपेक्षा कहीं अधिक मजबूत था। शेख अब्दुर्रहीम साहब का शेखों में बड़ा दबदबा था। गुजिश्ता लखनऊ से प्राप्त जानकारी के अनुसार लखना नाम के अहीर ने यह किला बनाया था, उसी के नाम से इस शहर का नाम लखनऊ हो गया। किला इतना मजबूत और सुरक्षित था कि कहा जाने लगा जिसका मच्छी भवन उसका लखनऊ।

 

मच्छी भवन लखनऊ हिस्ट्री

 

वक्त के थपेड़ों ने मच्छी भवन का नामों-निशान मिटा दिया। आज उसी के भग्नावशेषों पर मेडिकल कॉलेज के विशाल भवन निर्मित हैं। यह किला चारों तरफ से ऊँची एवं मजबूत चहारदीवारी से घिरा था। सम्पूर्ण किले में बने महलों पर तमाम भव्य मत्स्य आकृतियां थीं। जिससे इसका नाम ‘मच्छी भवन’ हो गया।

 

 

यह किला अगर अपनी मजबूती में बेमिसाल था तो खूबसूरती में भी कम न था। उसकी यही खूबी सैय्यद मीर मुहम्मद अमीन” उर्फ सआदत खां बुरहानुलमुल्क’ के दिमाग में घर कर गयी। इस किले को हासिल करना आसान काम न था। वह जानते थे कि यदि सीधे इस पर आक्रमण किया गया तो विजय हासिल हो सकती
है, पर खून-खराबा बड़ा जबरदस्त होगा। लिहाजा उन्होंने एक चाल चली।

 

 

सआदत खाँ ने शाहदरा में शेखों को एक दावत पर आमन्त्रित किया। दावत बड़ी शानदार रही। शेख सुरों ओर सुन्दरियों में डूब गये। सआदत खाँ ने मौका ताड़ा और मच्छी भवन पर धावा बोल दिया, अधिकांश शेख शाहदरा में मस्त थे। खबर लगी तो सिर पीट कर रह गये। कर भी क्‍या सकते थे ? अब टक्कर लेना मौत को न्‍यौता देना था। मुख्य ताकत (मच्छी-भवन) जा ही चुका था।

 

मच्छी भवन लखनऊ
मच्छी भवन लखनऊ

 

सन्‌ 1739 में सआदत खाँ को किसी ने जहर दे दिया। बेचारे ईश्वर को प्यारे हो गये। सआदत खाँ के बाद नवाब सफदरजंग ने सूबेदार का पद सम्भाल। शेखों से ज्यादा बिगाड़ लेना ठीक न समझा समझदारी की। कई सौ एकड़ जमीन उन्होंने शेखों को रहने के लिये दे दी।

 

 

1857 के गदर में मच्छी भवन तहस-नहस हो गया। 28 जून, 1857 को हेनरी लारेंस ने जब यह खबर पायी कि नवाब गंज में एकत्र विद्रोही फौजें चिनहट आ धमकी हैं तो उसने तुरन्त अपनी सेनाओं को मड़ियाँव छावनी और बेलीगारद छोड़कर मच्छी-भवन पर आने का आदेश दिया। हेनरी लारेंस और ब्रिगेडियर इंग्लिस ने सोचा कि विद्रोहियों को वहीं समाप्त कर देना चाहिए। 30 जून, 1857 को हेनरी महोदय अपनी फौज लेकर रवाना हो गये। जैसे ही फौजें चिनहट के करीब इस्माइल गंज पहुँची आम के बाग में दोनों ओर छिपी विद्रोही सेना ने भीषण आक्रमण करके अंग्रेजों को वापस भागने पर मजबूर कर दिया।

 

 

इधर विद्रोही सेना भी भगोड़ों का पीछा करती शहर में प्रवेश कर गयी और बेलीगारद को चारों तरफ से घेर लिया। बुरे फंसे थे कमांडर कर्नल पामर जो कि थोड़ी सेना के साथ मच्छी भवन में थे। हेनरी लारेंस ने पामर को झंडियों के माध्यम से इशारा किया कि वह रात में ही मच्छी भवन छोड़ दें। रात 2 बजे मच्छी भवन की अंग्रेजी फौजें सुरक्षित बेलीगारद पहुँच गयीं। लेफ्टीनेंट टामस ने मच्छी भवन उड़ा दिया। इसी के साथ ही शेखों के इस अजेय गढ़ की कहानी खत्म हो गयी।

 

 

इसी मच्छी भवन ने आजादी के दीवानों को फाँसी के फन्दे पर लटकते हुए देखा था। मड़ियाँव छावनी की 48 नं० की रेजीमेन्ट के पकड़े गये अनेकानेक विद्रोही सिपाहियों को खुले-आम लटका कर सजाये मौत दी गयी थीं। लाश दिन भर रस्सी के फन्दे से लटकी रहती। गिद्धों और चीलों के झुण्ड इन्हें नोंच-नोंच कर खाते। शाम को फिर दूसरा कैदी लटकाया जाता। इस प्रकार यह भवन क्रांतिकारियों के बलिदान का भी गवाह था। जो आज काल के गाल में समा चुका है।

 

 

लखनऊ के नवाब वंशावली—-

 

 

सआदत खां बुर्हानुलमुल्क
सैय्यद मुहम्मद अमी उर्फ सआदत खां बुर्हानुलमुल्क अवध के प्रथम नवाब थे। सन्‌ 1720 ई० में दिल्ली के मुगल बादशाह मुहम्मद Read more
नवाब सफदरजंग
नवाब सफदरजंग अवध के द्वितीय नवाब थे। लखनऊ के नवाब के रूप में उन्होंने सन् 1739 से सन् 1756 तक शासन Read more
नवाब शुजाउद्दौला
नवाब शुजाउद्दौला लखनऊ के तृतीय नवाब थे। उन्होंने सन् 1756 से सन् 1776 तक अवध पर नवाब के रूप में शासन Read more
नवाब आसफुद्दौला
नवाब आसफुद्दौला-- यह जानना दिलचस्प है कि अवध (वर्तमान लखनऊ) के नवाब इस तरह से बेजोड़ थे कि इन नवाबों Read more
नवाब वजीर अली खां
नवाब वजीर अली खां अवध के 5वें नवाब थे। उन्होंने सन् 1797 से सन् 1798 तक लखनऊ के नवाब के रूप Read more
नवाब सआदत अली खां
नवाब सआदत अली खां अवध 6वें नवाब थे। नवाब सआदत अली खां द्वितीय का जन्म सन् 1752 में हुआ था। Read more
नवाब गाजीउद्दीन हैदर
नवाब गाजीउद्दीन हैदर अवध के 7वें नवाब थे, इन्होंने लखनऊ के नवाब की गद्दी पर 1814 से 1827 तक शासन किया Read more
नवाब नसीरुद्दीन हैदर
नवाब नसीरुद्दीन हैदर अवध के 8वें नवाब थे, इन्होंने सन् 1827 से 1837 तक लखनऊ के नवाब के रूप में शासन Read more
नवाब मुहम्मद अली शाह
मुन्नाजान या नवाब मुहम्मद अली शाह अवध के 9वें नवाब थे। इन्होंने 1837 से 1842 तक लखनऊ के नवाब के Read more
नवाब अमजद अली शाह
अवध की नवाब वंशावली में कुल 11 नवाब हुए। नवाब अमजद अली शाह लखनऊ के 10वें नवाब थे, नवाब मुहम्मद अली Read more
नवाब वाजिद अली शाह
नवाब वाजिद अली शाह लखनऊ के आखिरी नवाब थे। और नवाब अमजद अली शाह के उत्तराधिकारी थे। नवाब अमजद अली शाह Read more

 

 

लखनऊ में घूमने लायक जगह:—

 

दिलकुशा कोठी
दिलकुशा कोठी, जिसे "इंग्लिश हाउस" या "विलायती कोठी" के नाम से भी जाना जाता है, लखनऊ में गोमती नदी के तट Read more
लखनऊ की बिरयानी
लखनऊ  का व्यंजन अपने अनोखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर अपने कोरमा, बिरयानी, नहरी-कुलचा, जर्दा, शीरमल, और वारकी Read more
रहीम के नहारी कुलचे
रहीम के नहारी कुलचे:--- लखनऊ शहर का एक समृद्ध इतिहास है, यहां तक ​​​​कि जब भोजन की बात आती है, तो लखनऊ Read more
टुंडे कबाब
उत्तर प्रदेश  की राजधानी लखनऊ का नाम सुनते ही सबसे पहले दो चीजों की तरफ ध्यान जाता है। लखनऊ की बोलचाल Read more
गोमती रिवर फ्रंट
लखनऊ  शहर कभी गोमती नदी के तट पर बसा हुआ था। लेकिन आज यह गोमती नदी लखनऊ शहर के बढ़ते विस्तार Read more
अंबेडकर पार्क लखनऊ
नवाबों का शहर लखनऊ समृद्ध ऐतिहासिक अतीत और शानदार स्मारकों का पर्याय है, उन कई पार्कों और उद्यानों को नहीं भूलना Read more
वाटर पार्क इन लखनऊ
लखनऊ शहर जिसे "बागों और नवाबों का शहर" (बगीचों और नवाबों का शहर) के रूप में जाना जाता है, देश Read more
काकोरी शहीद स्मारक
उत्तर प्रदेश राज्य में लखनऊ से 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक छोटा सा नगर काकोरी अपने दशहरी आम, जरदोजी Read more
नैमिषारण्य तीर्थ
लखनऊ शहर में मुगल और नवाबी प्रभुत्व का इतिहास रहा है जो मुख्यतः मुस्लिम था। यह ध्यान रखना दिलचस्प है Read more
कतर्नियाघाट सेंचुरी
प्रकृति के रहस्यों ने हमेशा मानव जाति को चकित किया है जो लगातार दुनिया के छिपे रहस्यों को उजागर करने Read more
नवाबगंज पक्षी विहार
लखनऊ में सर्दियों की शुरुआत के साथ, शहर से बाहर जाने और मौसमी बदलाव का जश्न मनाने की आवश्यकता महसूस होने Read more
बिठूर दर्शनीय स्थल
धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले शहर बिठूर की यात्रा के बिना आपकी लखनऊ की यात्रा पूरी नहीं होगी। बिठूर एक सुरम्य Read more
लखनऊ चिड़ियाघर
एक भ्रमण सांसारिक जीवन और भाग दौड़ वाली जिंदगी से कुछ समय के लिए आवश्यक विश्राम के रूप में कार्य Read more
जनेश्वर मिश्र पार्क
लखनऊ में हमेशा कुछ खूबसूरत सार्वजनिक पार्क रहे हैं। जिन्होंने नागरिकों को उनके बचपन और कॉलेज के दिनों से लेकर उस Read more
लाल बारादरी
इस निहायत खूबसूरत लाल बारादरी का निर्माण सआदत अली खांने करवाया था। इसका असली नाम करत्न-उल सुल्तान अर्थात- नवाबों का Read more
सफेद बारादरी
लखनऊ वासियों के लिए यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है यदि वे कहते हैं कि कैसरबाग में किसी स्थान पर Read more
मकबरा सआदत अली खां
उत्तर प्रदेश राज्य की राजधानी लखनऊ बहुत ही मनोरम और प्रदेश में दूसरा सबसे अधिक मांग वाला पर्यटन स्थल, गोमती नदी Read more
भूल भुलैया
इस बात की प्रबल संभावना है कि जिसने एक बार भी लखनऊ की यात्रा नहीं की है, उसने शहर के Read more
रूमी दरवाजा
1857 में भारतीय स्वतंत्रता के पहले युद्ध के बाद लखनऊ का दौरा करने वाले द न्यूयॉर्क टाइम्स के एक रिपोर्टर श्री Read more
चंद्रिका देवी मंदिर
चंद्रिका देवी मंदिर-- लखनऊ को नवाबों के शहर के रूप में जाना जाता है और यह शहर अपनी धर्मनिरपेक्ष संस्कृति के Read more
रामकृष्ण मठ लखनऊ
लखनऊ शहर के निरालानगर में राम कृष्ण मठ, श्री रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है। लखनऊ में Read more
छोटा इमामबाड़ा
लखनऊ पिछले वर्षों में मान्यता से परे बदल गया है लेकिन जो नहीं बदला है वह शहर की समृद्ध स्थापत्य Read more
शाह नज़फ इमामबाड़ा
शाही नवाबों की भूमि लखनऊ अपने मनोरम अवधी व्यंजनों, तहज़ीब (परिष्कृत संस्कृति), जरदोज़ी (कढ़ाई), तारीख (प्राचीन प्राचीन अतीत), और चेहल-पहल Read more
बड़ा इमामबाड़ा
ऐतिहासिक इमारतें और स्मारक किसी शहर के समृद्ध अतीत की कल्पना विकसित करते हैं। लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा उन शानदार स्मारकों Read more
रेजीडेंसी
नवाबों के शहर के मध्य में ख़ामोशी से खडी ब्रिटिश रेजीडेंसी लखनऊ में एक लोकप्रिय ऐतिहासिक स्थल है। यहां शांत Read more
बीबीयापुर कोठी
बीबीयापुर कोठी ऐतिहासिक लखनऊ की कोठियां में प्रसिद्ध स्थान रखती है। नवाब आसफुद्दौला जब फैजाबाद छोड़कर लखनऊ तशरीफ लाये तो इस Read more
खुर्शीद मंजिल लखनऊ
खुर्शीद मंजिल:- किसी शहर के ऐतिहासिक स्मारक उसके पिछले शासकों और उनके पसंदीदा स्थापत्य पैटर्न के बारे में बहुत कुछ Read more
मोती महल लखनऊ
मुबारिक मंजिल और शाह मंजिल के नाम से मशहूर इमारतों के बीच 'मोती महल' का निर्माण नवाब सआदत अली खां ने Read more
छतर मंजिल लखनऊ
अवध के नवाबों द्वारा निर्मित सभी भव्य स्मारकों में, लखनऊ में छतर मंजिल सुंदर नवाबी-युग की वास्तुकला का एक प्रमुख Read more
पिक्चर गैलरी लखनऊ
सतखंडा पैलेस और हुसैनाबाद घंटाघर के बीच एक बारादरी मौजूद है। जब नवाब मुहम्मद अली शाह का इंतकाल हुआ तब इसका Read more
सतखंडा पैलेस
सतखंडा पैलेस हुसैनाबाद घंटाघर लखनऊ के दाहिने तरफ बनी इस बद किस्मत इमारत का निर्माण नवाब मोहम्मद अली शाह ने 1842 Read more
फिरंगी महल
गोल दरवाजे और अकबरी दरवाजे के लगभग मध्य में फिरंगी महल की मशहूर इमारतें थीं। इनका इतिहास तकरीबन चार सौ Read more
परीखाना
लखनऊ का कैसरबाग अपनी तमाम खूबियों और बेमिसाल खूबसूरती के लिए बड़ा मशहूर रहा है। अब न तो वह खूबियां रहीं Read more
टीले वाली मस्जिद
लक्ष्मण टीले वाली मस्जिद लखनऊ की प्रसिद्ध मस्जिदों में से एक है। बड़े इमामबाड़े के सामने मौजूद ऊंचा टीला लक्ष्मण Read more