पतंजलि योग पीठ – patanjali yog peeth – योग जनक

हरिद्वार जिले के बहादराबाद में स्थित भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है । इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एंव इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से किया है । आज पतंजलि योग पीठ विश्व भर में प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका है। तथा बाबा स्वामी रामदेव जी महाराज आज विश्व भर में योग गुरू के रूप प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके है ।

पतंजलि योग पीठ

पतंजलि योग पीठ में योग शिक्षा व आयुर्वैदिक  स्वास्थ्य लाभ के साथ साथ भ्रमण का भी लुफ्त उठाया जा सकता है । हरिद्वार तीर्थ यात्रा पर आने वाले अधिकतर पर्यटक यहाँ योग प्रशिक्षण  भ्रमण तथा स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से जरूर आते है। यहाँ की भव्य इमारत खुबसूरत बगीचे योग प्रशिक्षण केंद्र तथा अनुसंधान केन्द्र देखने योग्य है। पतंजलि योग पीठ दो भागों में स्थित है । फैस वन और फैस टू।

पतंजलि योग पीठ फेस 1

योग पीठ फेस 1 के मुख्य द्वार में प्रवेश  करते ही खुबसुरत गार्डन में योग सूत्र के रचनाकार महर्षि पतज्जली शल्य चिकित्सा के जनक महर्षि सुश्रुत तथा चरक संहिता के रचनाकार महर्षि चरक की प्रतिमाएँ है । इस इमारत के भव्य गार्डन में फूल पत्तीयों के साथ साथ विभिन्न प्रकार की जडीबूटियो के पौधे भी लगे है तथा उनके समीप लगी तख्ती पर जडीबूटी का नाम तथा लाभ से परिचित कराया गया है। इस भव्य इमारत में कई भवन स्थित है । सदभावना भवन इस भवन में चिकित्सालय स्थित है । जहाँ योग पद्धति तथा आयुर्वैदिक पद्धति से इलाज की सुविधा है यहाँ  पर कई निशुल्क ओ पी डी है ।  समर्पण भवन यहाँ पर भर्ती मरीजों के ठहरने की व्यवस्था है। अन्नपूर्णा भवन यहाँ शुद्ध पौष्टिक भोजन की मुनासिब मूल्य पर  व्यवस्था है । यज्ञ शाला श्रद्धा भवन यहाँ धार्मिक अनुष्ठान होते है।  दिशा भवन इस भवन में पतंजलि विश्वविद्यालय है ।

पीरान कलियर शरीफ

हरिद्वार मोंक्ष की प्राप्ति

पतंजलि योग पीठ फेस 2

 इस भव्य तथा महलनुमा इमारत में योग प्रशिक्षण केंद्र है । 450 कक्षों तथा 2हजार वर्ग फुट का विशाल हाल 80 हजार वर्ग फुट का विशाल ओडिटोरियम  जहाँ प्रतिदिन योग कक्षाओं का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। यही पर महर्षि बाल्मीकि आश्रम तथा संत रविदास लंगर भवन भी है तथा आचार्य कुलम आवासीय शिक्षण संस्थान सी बी एस सी स्कूल है । गुरूकुल गौशाला फार्म जहाँ 350 से अधिक  विभिन्न प्रजाति की उच्च श्रेणी की गायों का पालन पोषण संरक्षण होता है।

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