गुरू ग्रंथ साहिब – सिक्ख धर्म के पवित्र ग्रंथ के बारे मे जाने

गुरू ग्रंथ साहिब

जिस तरह हिन्दुओं के लिए रामायण, गीता, मुसलमानों के लिए कुरान शरीफ, ईसाइयों के लिए बाइबल पूजनीय है। इसी तरह सिक्खों के लिए ,आदि ग्रंथ, श्री गुरू ग्रंथ साहिब़ अद्वितीय एवं पूजनीय है। 1430 अंगों का यह एक विशाल वाणी ग्रंथ है। अतः सिक्ख समुदाय इस ग्रंथ को एक पवित्र गुरू मानता है न कि एक धार्मिक पुस्तक। आज के अपने इस लेख में हम गुरू ग्रंथ साहिब का इतिहास, गुरू ग्रंथ साहिब की जानकारी, गुरू ग्रंथ क्या है, आदि ग्रंथ साहिब क्या ऐसे ही अनेक सवालों के बारे मे विस्तार से जानेंगे।

गुरू ग्रंथ साहिब

श्री गुरू ग्रंथ साहिब़ अन्य धार्मिक पुस्तकों की तरह न इतिहास है और न ही पुराण है, और न ही किसी प्रकार की करामातों का संग्रह है। यह एक धार्मिक गुरूवाणी का संग्रह है, जो ब्रह्माण्ड से ज्ञान एवं विश्व की उत्पत्ति के सिद्धांत की एक झलक को प्रस्तुत करता है।

गुरू ग्रंथ साहिब
गुरु ग्रंथ साहिब

इसलिए यह दुनिया में एक विलक्षण धार्मिक ग्रंथ है। सिक्ख धर्म के लोग इसे केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं मानता, बल्कि वह इसे दस गुरू साहिबान की ज्योति समझकर उपासना करता है। पावन इलाही शब्द का कोष होने के कारण सिक्ख बड़े आदर से इसकी सेवा करते है।

सिक्खों की धार्मिक सभाओं में श्री गुरू ग्रंथ साहिब़ की उपस्थिति एक पूजनीय व्यक्तित्व के रूप में समझी जाती है। इसका प्रकाश समूचे समारोह को एक पावन धार्मिक रंग में रंग देता है। वहां फिर इसके सम्मुख ही शीश झुकाया जाता है। अन्य किसी को आदर देना योग्य नहीं समझा जाता हैं। जहां भी प्रकाश होता है, वहां निरंतर उसके ऊपर चंवर किया जाता हैं। श्री गुरू ग्रंथ साहिब़ की हजूरी में फिर कीर्तन होता है। और धार्मिक दीवान सुशोभित किए जाते है। धार्मिक पवित्रता एवं साधसंगत के बडे प्रेम एवं श्रद्धा के कारण हर स्थान एक प्रकार का गुरूद्वारा ही बन जाता है।

जहां भी श्री गुरू ग्रंथ साहिब का प्रकाश होता है, वहां पहले ही चंदोवा लगाया जाता है। जहां से इसकी पवित्रता एवं शाही ठाठ की झलक देखने को मिलती है। उस समय सभी व्यक्ति हाथ जोडकर विन्रमता से बैठते है।

कोई भी व्यक्ति चाहे वह कोई बादशाह हो या कोई मंत्री हो, वह भी गुरू ग्रंथ साहिब़ से ऊंचे स्थान पर नही बैठ सकता। सभी संगत ग्रंथ साहिब़ के सम्मुख फर्श पर ही बैठते है। जिस पर दरी अथवा गलीचे बिछाए जा सकते है। सारी संगत श्री गुरू ग्रंथ साहिब के सम्मुख खडे होकर हाथ जोडकर प्रार्थना करते है। सिक्खों की कोई भी रस्म, यहां तक कि उनके विवाह भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब़ की हाजरी के बिना परवान नहीं होते है। दूल्हा दुल्हन जब श्री गुरू ग्रंथ साहिब के इर्द चार लावां लेते है, तो यह समझ लिया जाता हैं कि सिक्ख रहत मर्यादा अनुसार विवाह की रस्म सम्मपूर्ण हो गई है।

हमारे यह लेख भी जरूर पढ़ें:—

दमदमा साहिब का इतिहास

पांवटा साहिब का इतिहास

गुरूद्वारा बाबा अटल राय अमृतस

अकाल तख्त का इतिहास

स्वर्ण मंदिर हिस्ट्री इन हिंदी

जब श्री गुरू ग्रंथ साहिब को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लेकर जाते है तो उस समय भी पूरी मर्यादा रखी जाती है। एक गुरूमुख प्यारा श्री आदि ग्रंथ साहिब को अपने शीश पर उठाता है तो शेष साध संगत शब्द पाठ पढ़ती हुई साथ चलती है। एक प्यारा श्री गुरू ग्रंथ साहिब़ के आगे आगे चलता है और खुशबूदार गुलाब जल से छिड़काव करता चलता है।

सम्मपूर्ण वाणी 31 रागों में लिखी गई है। जिसमें गुरू तेगबहादुर जी द्वारा रचित राग जैजैवंती भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि सिक्खों के दशवें गुरू, गुरू गोविंद सिंह जी ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब़ को गुरूगद्दी सौंपने से पूर्व गुरू पिता की वाणी भी दर्ज कर दी थी। अतः गुरु ग्रंथ साहिब में कुल 31 राग है।

भारत के प्रमुख गुरूद्वारों पर आधारित हमारे यह लेख भी जरूर पढ़ें:—-

पटना साहिब के फोटो
बिहार की राजधानी पटना शहर एक धार्मिक और ऐतिहासिक शहर है। यह शहर सिख और जैन धर्म के अनुयायियों के Read more
हेमकुंड साहिब के सुंदर दृश्य
समुद्र तल से लगभग 4329 मीटर की हाईट पर स्थित गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब (Hemkund Sahib) उतराखंड राज्य (Utrakhand state) Read more
नानकमत्ता साहिब के सुंदर दृश्य
नानकमत्ता साहिब सिक्खों का पवित्र तीर्थ स्थान है। यह स्थान उतराखंड राज्य के उधमसिंहनगर जिले (रूद्रपुर) नानकमत्ता नामक नगर में Read more
शीशगंज साहिब गुरूद्वारे के सुंदर दृश्य
गुरुद्वारा शीशगंज साहिब एक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण गुरुद्वारा है जो सिक्खों के नौवें गुरु तेग बहादुर को समर्पित है। Read more
आनंदपुर साहिब के सुंदर दृश्य
आनंदपुर साहिब, जिसे कभी-कभी बस आनंदपुर आनंद का शहर" कहा जाता है के रूप में संदर्भित किया जाता है, यह Read more
हजूर साहिब नांदेड़ के सुंदर दृश्य
हजूर साहिब गुरूद्वारा महाराष्ट्र राज्य के नांदेड़ जिले में स्थापित हैं। यह स्थान गुरु गोविंद सिंह जी का कार्य स्थल Read more
स्वर्ण मंदिर अमृतसर के सुंदर दृश्य
स्वर्ण मंदिर क्या है? :- स्वर्ण मंदिर सिक्ख धर्म के अनुयायियों का धार्मिक केन्द्र है। यह सिक्खों का प्रमुख गुरूद्वारा Read more
दुख भंजनी बेरी के सुंदर दृश्य
दुख भंजनी बेरी ट्री एक पुराना बेर का पेड़ है जिसे पवित्र माना जाता है और इसमें चमत्कारी शक्ति होती Read more
श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर के सुंदर दृश्य
यह ऐतिहासिक तथा पवित्र पांच मंजिलों वाली भव्य इमारत श्री हरमंदिर साहिब की दर्शनी ड्योढ़ी के बिल्कुल सामने स्थित है। Read more
गुरूद्वारा बाबा अटल राय जी के सुंदर दृश्य
गुरूद्वारा बाबा अटल राय जी अमृतसर का एक प्रसिद्ध गुरुद्वारा है। हर साल हरमंदिर साहिब जाने वाले लाखों तीर्थयात्रियों में Read more
पांवटा साहिब के सुंदर दृश्य
गुरुद्वारा पांवटा साहिब, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में एक प्रसिद्ध गुरुद्वारा है। पांवटा साहिब पर्यटन स्थल Read more
तख्त श्री दमदमा साहिब के सुंदर दृश्य
यह तख्त साहिब भटिंडा ज़िला मुख्यलय से 35 किमी दूर तलवांडी साबो में बस स्टेशन के बगल में स्थापित है Read more
पांच तख्त साहिब के सुंदर दृश्य
जैसा की आप और हम जानते है कि सिक्ख धर्म के पांच प्रमुख तख्त साहिब है। सिक्ख तख्त साहिब की Read more
खालसा पंथ
"खालसा पंथ" दोस्तों यह नाम आपने अक्सर सुना व पढ़ा होगा। खालसा पंथ क्या है। आज के अपने इस लेख Read more
गुरूद्वारा गुरू का महल के सुंदर दृश्य
गुरूद्वारा गुरू का महल कटड़ा बाग चौक पासियां अमृतसर मे स्थित है। श्री गुरू रामदास जी ने गुरू गद्दी काल Read more
गुरूद्वारा शहीदगंज साहिब के सुंदर दृश्य
गुरुद्वारा शहीदगंज साहिब बाबा दीप सिंह जी सिक्खों की तीर्थ नगरी अमृतसर में स्थित है। गुरूद्वारा शहीदगंज साहिब वह जगह Read more
लोहगढ़ साहिब के सुंदर दृश्य
अमृतसर शहर के कुल 13 द्वार है। लोहगढ़ द्वार के अंदर लोहगढ़ किला स्थित है। तत्कालीन मुगल सरकार पर्याप्त रूप Read more
सिख धर्म के पांच ककार
प्रिय पाठकों अपने इस लेख में हम सिख धर्म के उन पांच प्रतीक चिन्हों के बारें में जानेंगे, जिन्हें धारण Read more
तरनतारन गुरूद्वारा साहिब के सुंदर दृश्य
तरनतारन गुरूद्वारा साहिब, भारत के पंजाब राज्य में एक शहर), जिला मुख्यालय और तरन तारन जिले की नगरपालिका परिषद है। Read more
गुरूद्वारा मंजी साहिब आलमगीर लुधियाना के सुंदर दृश्य
गुरूद्वारा मंजी साहिब लुधियाना के आलमगीर में स्थापित है। यह स्थान लुधियाना रेलवे स्टेशन से 16 किलोमीटर की दूरी पर Read more
मंजी साहिब गुरुद्वारा, नीम साहिब गुरूद्वारा कैथल के सुंदर दृश्य
मंजी साहिब गुरूद्वारा हरियाणा के कैथल शहर में स्थित है। कैथल भारत के हरियाणा राज्य का एक जिला, शहर और Read more
दुख निवारण साहिब पटियाला के सुंदर दृश्य
दुख निवारण गुरूद्वारा साहिब पटियाला रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड से 300 मी की दूरी पर स्थित है। दुख निवारण Read more
गोइंदवाल साहिब के सुंदर दृश्य
गुरू श्री अंगद देव जी के हुक्म से श्री गुरू अमरदास जी ने पवित्र ऐतिहासिक नगर श्री गोइंदवाल साहिब को Read more
नानकसर साहिब कलेरा जगराओं के सुंदर दृश्य
गुरूद्वारा नानकसर कलेरा जगराओं लुधियाना जिले की जगराओं तहसील में स्थापित है।यह लुधियाना शहर से 40 किलोमीटर और जगराओं से Read more
गुरूद्वारा चरण कंवल साहिब माछीवाड़ा के सुंदर दृश्य
गुरूद्वारा चरण कंवल साहिब लुधियाना जिले की माछीवाड़ा तहसील में समराला नामक स्थान पर स्थित है। जो लुधियाना शहर से Read more
मुक्तसर साहिब के सुंदर दृश्य
मुक्तसर फरीदकोट जिले के सब डिवीजन का मुख्यालय है। तथा एक खुशहाल कस्बा है। यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थान भी है। Read more
गुरूद्वारा गुरू तेग बहादुर धुबरी साहिब के सुंदर दृश्य
गुरूद्वारा श्री तेगबहादुर साहिब या धुबरी साहिब भारत के असम राज्य के धुबरी जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित Read more
गुरूद्वारा नानक झिरा साहिब के सुंदर दृश्य
गुरूद्वारा नानक झिरा साहिब कर्नाटक राज्य के बीदर जिले में स्थित है। यह सिक्खों का पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थ स्थान Read more
नाड़ा साहिब गुरूद्वारा पंचकूला
नाड़ा साहिब गुरूद्वारा चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से 5किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। नाड़ा साहिब गुरूद्वारा हरियाणा प्रदेश के पंचकूला Read more
गुरुद्वारा पिपली साहिब पुतलीघर अमृतसर
गुरुद्वारा पिपली साहिब अमृतसर रेलवे स्टेशन से छेहरटा जाने वाली सड़क पर चौक पुतलीघर से आबादी इस्लामाबाद वाले बाजार एवं Read more
गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब, यह गुरुद्वारा रूपनगर जिले के किरतपुर में स्थित है। यह सतलुज नदी के तट पर बनाया गया Read more
गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब चमकौर
गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब श्री चमकौर साहिब में स्थापित है। यह गुरुद्वारा ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। इस स्थान पर श्री गुरु गोबिंद Read more
गुरुद्वारा बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी
गुरुद्वारा बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी नामक कस्बे में स्थित है। सुल्तानपुर लोधी, कपूरथला जिले का एक प्रमुख नगर है। तथा Read more
गुरुद्वारा हट्ट साहिब
गुरुद्वारा हट्ट साहिब, पंजाब के जिला कपूरथला में सुल्तानपुर लोधी एक प्रसिद्ध कस्बा है। यहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु Read more
गुरुद्वारा मुक्तसर साहिब
मुक्तसर जिला फरीदकोट के सब डिवीजन का मुख्यालय है तथा एक खुशहाल कस्बा है। यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थान भी है। Read more
गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 5 किलोमीटर दूर लोकसभा के सामने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब स्थित है। गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की स्थापना Read more
दरबार साहिब तरनतारन
श्री दरबार साहिब तरनतारन रेलवे स्टेशन से 1 किलोमीटर तथा बस स्टैंड तरनतारन से आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित Read more
गुरुद्वारा बिलासपुर साहिब
गुरुद्वारा बिलासपुर साहिब हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर मे स्थित है बिलासपुर, कीरतपुर साहिब से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर Read more
मोती बाग गुरुद्वारा साहिब
मोती बाग गुरुद्वारा दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। गुरुद्वारा मोती बाग दिल्ली के प्रमुख गुरुद्वारों में से Read more
गुरुद्वारा मजनूं का टीला साहिब
गुरुद्वारा मजनूं का टीला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 15 किलोमीटर एवं पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से 6 किलोमीटर की दूरी Read more
बंगला साहिब गुरुद्वारा
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर की दूरी पर गोल डाकखाने के पास बंगला साहिब गुरुद्वारा स्थापित है। बंगला Read more
लखनऊ गुरुद्वारा गुरु तेगबहादुर साहिब
उत्तर प्रदेश की की राजधानी लखनऊ के जिला मुख्यालय से 4 किलोमीटर की दूरी पर यहियागंज के बाजार में स्थापित लखनऊ Read more
नाका गुरुद्वारा
नाका गुरुद्वारा, यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा नाका हिण्डोला लखनऊ में स्थित है। नाका गुरुद्वारा साहिब के बारे में कहा जाता है Read more
गुरुद्वारा गुरु का ताल आगरा
आगरा भारत के शेरशाह सूरी मार्ग पर उत्तर दक्षिण की तरफ यमुना किनारे वृज भूमि में बसा हुआ एक पुरातन Read more
गुरुद्वारा बड़ी संगत नीचीबाग बनारस
गुरुद्वारा बड़ी संगत गुरु तेगबहादुर जी को समर्पित है। जो बनारस रेलवे स्टेशन से लगभग 9 किलोमीटर दूर नीचीबाग में Read more

write a comment

%d bloggers like this: