एथेंस स्पार्टा युद्ध कब हुआ था – एथेंस और स्पार्टा युद्ध के कारण और परिणाम

प्राचीन यूनान के दो राज्य-प्रदेशो एथेंस और स्पार्टा में क्षेत्रीय श्रेष्ठता तथा शक्ति की सर्वोच्चता के लिए प्रतिदंद्धिता चलती रहती थी। दोनों एक दूसरे पर आक्रमण करते रहते। एथेंस और स्पार्टा के बीच इन युद्धों को पेलोपोनेशियाई युद्ध (Peloponnesion) भी कहते हैं! इन युद्धों में यूं तो स्पार्टा की जीत हुई लेकिन वह धीरे-धीरे इतना कमजोर हो गया कि आंतरिक विद्रोहों और अन्य बाहरी आक्रमणों को दबाने में असफल रहा तथा 146 ई.पू. में रोमन साम्राज्य में मिला लिया गया। अपने इस लेख में हम इसी एथेंस स्पार्टा युद्ध का उल्लेख करेंगे और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से जानेंगे:—

 

 

एथेंस स्पार्टा का युद्ध कब हुआ था? एथेंस स्पार्टा के युद्ध में किसकी जीत हुई थी? एथेंस स्पार्टा युद्ध क्यों हुआ था? एथेंस स्पार्टा युद्ध के कारण क्या थे? एथेंस स्पार्टा युद्ध का परिणाम?

 

एथेंस स्पार्टा युद्ध के कारण

प्राचीन यूनान के छोटे-छोटे राज्यों की आपसी प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में 445 ई. पू. में एथेंस स्पार्टा की सन्धि का मुख्य उदेश्य सभी राज्यों में शांति स्थापित करना था। यह प्रयास किया गया कि जब कोई राज्य दूसरे राज्य की अपेक्षा अधिक समृद्ध ओर शक्तिशाली हो तो उनमें आपसी ईर्ष्या की जगह प्रेम ओर शांति की भावना हों। उस समय एथेंस अपनी थल और नौ सेनाओं के विस्तार में लगा था। स्पार्टा को यह स्थिति बडी अपमानजनक लगी। दूसरी ओर एथेंस ने कोरिंथ (Corinth) को हराकर उसके व्यापारिक मार्गों को बंद कर दिया था। इससे कोरिंथ के व्यापार को आघात पहुंचा। एथेंस से बदला लेने के लिए उसने स्पार्टा से सहायता मांगी। उधर वोरसिरा (जो भूमध्य सागर में स्थित है और अब पॉर्फ द्वीप कहलाता है) ने एथेंस मे सम्मिलित होने की प्रार्थना की क्योंकि उसके ओर कोरिंथ के मध्य सबंध ठीक न होने के कारण वह एथेंस से मिलना चाहता था।

 

 

एथेंस स्पार्टा युद्ध का प्रारम्भ

आखिरकार युद्ध प्रिय स्पार्टा ने 431 ई.पू. में एथेंस पर आक्रमण कर दिया। स्पार्टा की प्रशिक्षित सेना का सामना करने के लिए एथेंस के पास पर्याप्त थलसेना न थी परन्तु उसके पास विपुल प्रशिक्षित जल सेना थी। एथेंस के जनरल पेरिक्लीज (Pericles) ने अपने सैनिकों को शत्रु पर आक्रमण करने की बजाय आक्रमण
रोकने को कहा जिससे स्पार्टा के सैनिक आगे न बढ़ें। उसी दौरान भयंकर प्लेग फैल गया। उन्होने इसे ऐथेंनी देवी का कोप समझा।

429 ई.पू. मे पेरिक्लीज का देहांत हो गया। पेरिक्लीज की मृत्यु से एथेंस मे नेतृत्व का अभाव हो गया। उन्हें सलाह देने वाला कोई न बचा। कई वर्षो तक लगातार युद्ध होता रहा। 425 ई.पू. में उन्होंने 420 स्पार्टा सैनिको की पेलोपोनीज के किनारे घेर लिया। स्पार्टा के सैनिक एथेंस की 10,000 सेना के साथ वीरता से लडते रहे परन्तु जब उनमें से केवल 282 सैनिक शेष रह गये तो उन्होने आत्मसमर्पण कर देना ही उचित समझा। एथेंस ने किसी भी तरह की सन्धि के लिए इंकार कर दिया। फलस्वरूप युद्ध होता रहा।

 

एथेंस स्पार्टा युद्ध
एथेंस स्पार्टा युद्ध

दूसरे वर्ष प्रसिद्ध जनरल ब्रासीदास के नेतृत्व में स्पार्टा सैनिको ने एथेंस की सेना को डेलियम नामक स्थान पर बुरी तरह पराजित कर दिया। इस युद्ध में सकरात तथा उसका प्रसिद्ध शिष्य अल्सीबाइडीज बडी वीरता से लडे थे। दोनों ओर के सेनापति, ब्रासीदास (स्पार्टा) और क्रियन (एथेंस) मारे गये। अन्तत. 421 ई.पू. में दोनों ने एक दूसरे के देश और कैदी लौटाने की शर्त पर सन्धि कर ली। सन्धि के बावजूद इन दोनों नगरों के बीच का अंदरूनी कलह समाप्त नही हुआ। अल्सीबाइडीज दक्षिणी इटली और सिसली को मिलाकर एथेंस की शक्ति बढ़ाना चाहता था किन्तु इसी दौरान एथेंस में एक घटना घटी। एक दिन प्रातःकाल नगर के प्रत्येक द्वार पर हर्मीज की खडित मूर्ति के टुकड़े देखे गये। लोगों ने अल्सीबाइडीज पर संदेह किया कि वह निरंकुश होकर प्रजा को दबाना चाहता है। इस स्थिति में अल्सीबाइडीज चिढ़कर स्पार्टा भाग गया और शत्रुओं को एथेंस की सभी युक्तियां बता दीं। अल्सीबाइडीज का बल पाकर स्पार्टा ने 418 ई.पू. में फिर युद्ध आरंभ किया। अल्सीबाइडीज के बाद निसियस एथेंस का एक मात्र नेता रह गया था। डेमोस्थेनीज के नेतृत्व में एक और सेना उसकी सहायता को आई परन्तु यह सेना भी, जिस पर एथेंस को पूरा विश्वास था, हार गयी और बेड़ा भी हार गया। एथेंस के पास केवल 40,000 सेना बची थी। निसियस और डेमोस्थेनीज सीमित सैन्य-शक्ति के बावजूद लड़ते रहे। अन्तत: इस भयंकर युद्ध में एथेंस बुरी तरह विनष्ट हो गया तथा दोनों नेताओं को मृत्युदंड दे दिया गया।

 

 

कुछ समय बाद अल्सीवाइडीज का स्पार्टा से भी झगड़ा हो गया और वह फारस चला गया। इतना होने पर भी एथेंस उसकी वापसी के लिए इच्छुक था। अल्सीबाइडीज प्रजातन्त्र का विरोधी था और निरंकुश शासन चाहता था। अतः उसने लिखा कि फारस की सहायता तभी मिल सकती है जब एथेंस की प्रजा तान्त्रिक प्रणाली बदल दी जाये। 411 ई.पू. में प्रजातन्त्र को वर्गतन्त्र
(ओलीगार्की) में बदल दिया गया।

 

410 ई.पू. में अल्सीबाइडीज एथेंस लौट आया। एथेंस लौटने पर उसका भरपूर स्वागत किया गया और उसे पुन जनरल बना दिया गया परन्तु कुछ दिन बाद फिर उस पर संदेह किया जाने लगा और उसे पद से अलग कर दिया गया। इसी दौरान स्पार्टा का जनरल फारस के राजा साइरस से मिल गया और उसने एथेंस पर आक्रमण कर दिया। एथेंस पराजित हुआ। एथेंस के अधिकारियों ने सेनानायकों से क्रुद्ध होकर सार्वजनिक सभा में उन्हें मृत्युदंड देने का प्रस्ताव रखा, जिसे जनसमूह का भरपूर समर्थन मिला। सेना नायकों की मृत्यु के पश्चात्‌ 404 ई.पू. मे एथेंस की निर्बल सेना को कैद कर लिया गया। किले तोड़ दिये गये, प्रजातन्त्र नष्ट हो गया। साम्राज्य तो पहले ही नष्ट हो चुका था।

 

 

एथेंस स्पार्टा युद्ध का परिणाम

 

इस भयानक युद्ध का सर्वाधिक दुष्प्रभाव प्राचीन यूनानी सभ्यता व संस्कृति पर पड़ा। यूनान के बौद्धिक और सांस्कृतिक कला नगरों का संपूर्ण वैभव उजड गया और यूनानी संस्कृति में उत्थान का एक चरण समाप्त हो गया। इसके अतिरिक्त एथेंस की सप्रभुवता और उसके वर्चस्व को खत्म करने का स्पार्टा का स्वप्न पूरा हुआ युद्ध की भयानकता का परिणाम यह हुआ कि छोटे छोटे राज्यों और जागीरों में एकीकरण की भावना पलने लगी।

 

 

हमारे यह लेख भी जरूर पढ़े:—-

 

ईरान इराक का युद्ध
1979 में ईरान के शाह रजा पहलवी के गद्दी छोड़कर भागने तथा धार्मिक नेता अयातुल्लाह खुमैनी के आगमन से आंतरिक Read more
फॉकलैंड द्वीपसमूह
भोगौलिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से फॉकलैंड ब्रिटेन की अपेक्षा अर्जेण्टीना के काफी निकट है किन्तु ब्रिटेन उसे अपना उपनिवेश मानता Read more
वियतनाम का युद्ध
भारत के दक्षिण-पूर्व में एक छोटा-सा देश है वियतनाम सोशलिस्ट रिपब्लिक। 69 वर्षों तक फ्रांसीसी उपनिवेश रहने के बाद 1954 Read more
प्रथम विश्व युद्ध
यूं तो प्रथम विश्व युद्ध का आरंभ सर्ब्रियनवासी राष्ट्रवादी (Serbian Nationalist) द्वारा आस्ट्रिया के राजकुमार आर्कडयूक फ्रैंज फर्डिनैंड (Archduke Franz Ferdinand) Read more
अरब इजरायल युद्ध
द्वितीय विश्य युद्ध की समाप्ति के बाद 14 मई, 1948 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने ब्रिटिश आधिपत्य के फिलिस्तीनी भू-क्षेत्र Read more
बाल्कन युद्ध
दक्षिण पूर्वी यूरोप के बाल्कन प्रायद्वीप (Balkan Peninsula) के देश तुर्क साम्राज्य की यातनापूर्ण पराधीनता से मुक्त होना चाहते थे। Read more
रूस जापान युद्ध
20वीं सदी के प्रारम्भ में ज़ारशाही रूस ने सुदूर पूर्व एशिया (For East Asia) के दो देशों, मंचूरिया और कोरिया पर Read more
फ्रांस प्रशिया युद्ध
प्रिंस ओट्टो वॉन बिस्मार्क (Prince Otto Van Bismarck) को इसी युद्ध ने जर्मन साम्राज्य का संस्थापक और प्रथम चांसलर बना Read more
क्रीमिया का युद्ध
तुर्क साम्राज्य के ईसाइयों को सुरक्षा प्रदान करने के बहाने रूस अपने भू-क्षेत्र का विस्तार कॉस्टेंटिनोपल (Constantinople) तक करके भूमध्य सागर Read more
वाटरलू का युद्ध
वाटरलू का युद्ध 1815 में लड़ा गया था। यह युद्ध बेल्जियम में लडा़ गया था। नेपोलियन का ये अन्तिम युद्ध Read more
Battle of Salamanca
स्पेन फ्रांस का मित्र देश था किंतु नेपोलियन नहीं चाहता था कि यूरोप में कोई भी ऐसा देश बचा रह Read more
Austerlitz war
जुलाई, 1805 में ब्रिटेन, आस्ट्रिया, रूस और प्रशिया ने मिलकर नेपोलियन से टककर लेने का निर्णय किया। जवाब में नेपोलियन ने Read more
सप्तवर्षीय युद्ध
सात वर्षों तक चलने वाले इस युद्ध मे एक ओर ऑस्टिया, फ्रांस, रूस, सैक्सोनी, स्वीडन तथा स्पेन और दूसरी तरफ Read more
तीस वर्षीय युद्ध
यूरोप मे धार्मिक मतभेदों विशेष रुप से कैथोलिक (Catholic) तथा प्रोस्टेंटस (Protestents) के बीच मतभेदों के कारण हुए युद्धों में Read more
गुलाब युद्ध
पंद्रहवीं शताब्दी में ब्रिटेन मे भयानक गृहयुद्ध हुए। इनकी शुरुआत तब हुई जब ब्रिटेन का, तत्कालीन शासक हेनरी छठम (Henri Read more
सौ वर्षीय युद्ध
लगभग 135 वर्षों तक फ्रांस और ब्रिटेन के बीच चलने वाले इस सौ वर्षीय युद्ध का आरम्भ तब हुआ जब ब्रिटेन Read more
धर्मयुद्ध
येरूशलम (वर्तमान मे इसरायल की राजधानी) तीन धर्मों की पवित्र भूमि हैं। ये धर्म हैं- यहूदी, ईसाई और मुस्लिम। समय-समय Read more
रोमन ब्रिटेन युद्ध
महान रोमन सेनानायक जूलियस सीजर (Julius Caesar) ने दो बार ब्रिटेन पर चढ़ाई की। 55 ई.पू. और 54 ई.पू. में। Read more
प्यूनिक युद्ध
813 ई.पू. में स्थापित उत्तरी अफ्रीका का कार्थेज राज्य धीरे-धीरे इतना शक्तिशाली हो गया कि ई.पू तीसरी-दूसरी शताब्दी में भूमध्यसागरीय Read more
थर्मापायली का युद्ध
पूर्व-मध्य यूनान में एक बड़ा ही सेकरा दर्रा है- थर्मापायली। यह दर्रा उत्तरी मार्ग से यूनान में आने-जाने का मुख्य Read more
मैराथन का युद्ध
ई.पू. पांचवीं-छठी शताब्दी में फारस के बादशाहों का बड़ा बोलबाला था। एजियन सागर (Aegean sea) के निकट के लगभग सभी Read more
ट्रॉय का युद्ध
1870 में जर्मन पुरातत्ववेत्ता (Archaeology) हेनरिक श्लिमैन (Henrich Schliemann) ने पहली बार सिद्ध किया कि टॉय का युद्ध यूनानी कवि होमर Read more
1971 भारत पाकिस्तान युद्ध
भारत 1947 में ब्रिटिश उपनिषेशवादी दासता से मुक्त हुआ किन्तु इसके पूर्वी तथा पश्चिमी सीमांत प्रदेशों में मुस्लिम बहुमत वाले क्षेत्रों Read more

write a comment