दरबार साहिब तरनतारन हिस्ट्री इन हिन्दी – श्री दरबार साहिब तरनतारन का इतिहास

श्री दरबार साहिब तरनतारन रेलवे स्टेशन से 1 किलोमीटर तथा बस स्टैंड तरनतारन से आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह पवित्र स्थान अमृतसर से केवल 24 किलोमीटर की दूरी पर अमृतसर – फिरोजपुर रोड़ पर स्थित है।   दरबार...

गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब का इतिहास – गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से 5 किलोमीटर दूर लोकसभा के सामने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब स्थित है। गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की स्थापना सन् 1783 में सरदार बघेल सिंह जी द्वारा करवाई गई थी। दिल्ली के पर्यटन स्थलों में यह गुरुद्वारा महत्वपूर्ण स्थान रखता...

गुरुद्वारा मुक्तसर साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी – गुरुद्वारा श्री मुक्तसर साहिब का इतिहास

मुक्तसर जिला फरीदकोट के सब डिवीजन का मुख्यालय है तथा एक खुशहाल कस्बा है। यह प्रसिद्ध तीर्थ स्थान भी है। इसके निकट ही मांझे से आये गुरु गोबिंद सिंह जी के 40 श्रृद्धालु सिक्खों ने जिन्हें “चालीस मुक्ते” कहा जाता है,...

गुरुद्वारा हट्ट साहिब सुल्तानपुर लोधी कपूरथला पंजाब – गुरुद्वारा हट्ट साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी

गुरुद्वारा हट्ट साहिब, पंजाब के जिला कपूरथला में सुल्तानपुर लोधी एक प्रसिद्ध कस्बा है। यहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के 14 वर्ष गुजारे थे। गुरु नानक देव जी के बहनोई श्री जैराम जी ने...

गुरुद्वारा बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी कपूरथला – गुरुद्वारा बेर साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी

गुरुद्वारा बेर साहिब सुल्तानपुर लोधी नामक कस्बे में स्थित है। सुल्तानपुर लोधी, कपूरथला जिले का एक प्रमुख नगर है। तथा भारत के पंजाब राज्य में स्थित है। यह स्थान अपने ऐतिहासिक सिख महत्व के कारण भक्तों में काफी प्रसिद्ध है बड़ी...

गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी – गुरुद्वारा श्री कतलगढ़ साहिब चमकौर

गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब श्री चमकौर साहिब में स्थापित है। यह गुरुद्वारा ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। इस स्थान पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के दो सुपुत्र साहिबजादा अजीतसिंह, साहिबजादा जुझार सिंह को मुगलों ने लड़ाई में शहीद कर दिया था।    ...

गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी – गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब का इतिहास

गुरुद्वारा पातालपुरी साहिब, यह गुरुद्वारा रूपनगर जिले के किरतपुर में स्थित है। यह सतलुज नदी के तट पर बनाया गया है और रेलवे लाईन के पार स्थित है और यह वह स्थान है जहां कई सिख अपने मृतकों की राख को...

दमदमा साहिब हरगोबिंदपुर का इतिहास इन हिन्दी – गुरुद्वारा दमदमा साहिब हरगोबिंदपुर हिस्ट्री

गुरुद्वारा दमदमा साहिब हरगोबिंदपुर, श्री हरगोबिंदपुर शहर में बटाला से 32 किमी और गुरदासपुर शहर से 40 किमी की दूरी पर स्थित है। इस शहर की स्थापना पांचवें सिख गुरु, श्री गुरु अर्जुन देव जी ने 1587 में की थी और...

गुरुद्वारा कंध साहिब बटाला – गुरुद्वारा कंध साहिब हिस्ट्री इन हिन्दी

बटाला शहर पठानकोट रेलवे लाईन से पंजाब के सरहदी जिला गुरदासपुर की तहसील है, तथा अमृतसर से 35 किमी की दूरी पर स्थित है। यह स्थान बहुत बड़ा दस्तकारी का केंद्र है पर इसको प्रसिद्धि गुरु नानक देव जी के कारण...

बाबा बकाला साहिब का इतिहास – गुरुद्वारा नौवीं पातशाही की जानकारी

बाबा बकाला साहिब अमृतसर जिले का प्रमुख स्थान है। छठें पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का विवाह इसी नगर में भाई हरिचन्द्र की सुपुत्री बीबी नानकी जी के साथ हुआ था। गुरु तेगबहादुर साहिब जी गुरु गद्दी पर विराजमान होने...

कालकाजी मंदिर दिल्ली का इतिहास तथा कालकाजी मंदिर खुलने का समय

कालकाजी मंदिर दिल्ली के सबसे व्यस्त हिंदू मंदिरों में से एक है, श्री कालकाजी मंदिर देवी काली को समर्पित है, जो माँ आदि शक्ति का दूसरा रूप है। इस मंदिर को जयंती पीठ या मनोकामना सिद्ध पीठ के रूप में भी...

गुरुद्वारा पिपली साहिब पुतलीघर अमृतसर का इतिहास इन हिन्दी – पिपली साहिब गुरुद्वारा

गुरुद्वारा पिपली साहिब अमृतसर रेलवे स्टेशन से छेहरटा जाने वाली सड़क पर चौक पुतलीघर से आबादी इस्लामाबाद वाले बाजार एवं सड़क पर स्थित है। यह गुरुद्वारा दो मंजिला बना है। वर्ष 1581 ई. में प्रिथीचंद को जब गुरूगददी न मिल सकी...

संत ज्ञानेश्वर का जीवन परिचय – संत ज्ञानेश्वर महाराज की बायोग्राफी इन हिन्दी

दुष्टों की कुटिलता जाकर उनकी सत्कर्मों में प्रीति उत्पन्न हो और समस्त जीवों में परस्पर मित्र भाव वृद्धिंगत हो। अखिल विश्व का पाप रूपी अंधकार नष्ट होकर स्वधर्म – सूर्य का उदय हो, उसका प्रकाश हो और प्राणीमात्र की सदिच्छाएं पूर्ण...

गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन परिचय – गुरु गोबिंद सिंह जी बायोग्राफी इन हिन्दी

साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज सिखों के दसवें गुरु है। गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म पौष शुक्ल सप्तमी वि.सं. 1723 को नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी तथा माता गुजरी जी के घर में पटना साहिब बिहार...

गुरु तेग बहादुर जी का जीवन परिचय – गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी

हिन्दू धर्म के रक्षक, भारतवर्ष का स्वाभिमान, अमन शांति के अवतार, कुर्बानी के प्रतीक, सिक्खों के नौवें गुरु साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी का जन्म वैसाख कृष्ण पंचमी 1678 में हुआ था। आपका बचपन का नाम त्याग मल्ल था। आप...