अलेक्जेंड्रिया का प्रकाश स्तम्भ – सिकन्दर ने क्यों बसाया अलेक्जेंड्रिया

समुद्र मे आने जाने वाले जहाज़ों को संकटों के समय चेतावनी देने के लिये तथा समुद्र के विनाशकारी पर्वतीय चट्टानों से अपनी रक्षा करने के लिये जहां-तहां अनेक प्रकाश स्तम्भ बने हुए हैं। यहां पर हम ऐसे ही एक अति विशाल...

माउसोलस का मकबरा – ताजमहल की तरह प्यार की निशानी

इस पृथ्वी पर समय-समय पर अनेक स्मृति चिन्ह बने हैं। उनमें से कितने ही तो काल के निष्ठर थपेडों को सहते-सहते अपना निशान तक मिटा गये है और उनमें से कितने ही आज भी मौजूद है। पर जो मिट गये उनका...

बेबीलोन हैंगिंग गार्डन – बेबीलोन की प्रमुख विशेषताएं क्या थी?

बेबीलोन को यदि हम स्वर्ण नगरी की समता मे रखें तो यह कोई अत्युक्ति नहीं होगी। एक जमाना था कि कृत्रिम एवं प्राकृतिक सौन्दर्यो की इस नगरी में भरमार थी। पर जैसे परमात्मा को अपनी कृति के सम्मुख उतने साज सौन्दर्य...

अपोलो की मूर्ति का रहस्य क्या आप जानते हैं? वे आश्चर्य

पिछले लेख में हमने ग्रीक देश की कला मर्मज्ञता का उल्लेख किया है। जियस की विश्वप्रसिद्ध मूर्ति इसी देश के महान कलाकार की अलौकिक कृति थी। अब हम इसी देश की एक दूसरी आश्चर्य जनक वस्तु का उल्लेख कर रहे हैं। भूमध्य सागर...

एलोरा और अजंता की गुफाएं किस लिए विख्यात है?

संसार के महान आश्चर्यों में भारत में एलोरा और अजंता के गुफा मन्दिर अपना विशिष्ट स्थान रखते हैं। इन गुफाओं मे जो चित्रकारी की गई है, उन्हे देखने से ही इनकी महानता का वास्तविक मूल्याकन हो सकता है। संसार के अन्य देशों...

जियस की मूर्ति – ओलंपिया में जियस की मूर्ति जिसको बनाने वाले को खुद आश्चर्य हुआ

जिस प्रकार एशिया महाद्वीप मे भारत अपनी प्राचीन सभ्यता और संस्कृत के लिये संसार में अग्रणी माना जाता है, उसी प्रकार यूरोपीय महाद्वीप में ग्रीस एवं रोम सभ्यता और संस्कृति के आदि गुरु समझे जाते हैं। ग्रीस देश की सभ्यता बहुत ही...

चीन की दीवार कितनी चौड़ी है, चीन की दीवार का रहस्य

प्राचीन काल से ही संसार के सभ्य देशों में चीन का स्थान अग्रणी था। कहते हैं चीन ही वह देश है जिसने विश्व को सभ्यता की प्रारम्भिक शिक्षा दी थी। हमारे वैदिक युग के साहित्य मे भी इस देश की गौरव...

श्री हंस जी महाराज की जीवनी – श्री हंस जी महाराज के गुरु कौन थे

श्री हंस जी महाराज का जन्म 8 नवंबर, 1900 को पौढ़ी गढ़वाल जिले के तलाई परगने के गाढ़-की-सीढ़ियां गांव में हुआ था। उनके पिता रणजीत सिंह ने उनका नाम हंसा राम सिंह रखा। वे एक संपन्‍न किसान थे। हंसा राम सिंह...

संत बूटा सिंह जी और निरंकारी मिशन, गुरु और शिक्षा

हिन्दू धर्म में परमात्मा के विषय में दो धारणाएं प्रचलित रही हैं- पहली तो यह कि परमात्मा निर्गुण निराकार ब्रह्म है अर्थात वह नाम, रूप और गुण रहित सर्वोच्च चेतना है तथा दूसरी यह है कि परमात्मा सगुण साकार ब्रह्म है।...

स्वामी प्रभुपाद – श्री भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी

हम सब लोगों ने यह अनुभव प्राप्त किया है कि श्री चैतन्य महाप्रभु की शिष्य परंपरा में आध्यात्मिक गुरु किस प्रकार प्रकट होते हैं। हमारे गुरु ने हमें यह कहकर धोखा नहीं दिया कि मैं ईश्वर हूं, मैं भगवान हूं।” इसके...